464 कुएं साफ किए या नहीं, 20 वकील करेंगे जांच
नागपुर।
महानगरपालिका के 10 जोन में स्थित 464 सार्वजनिक कुओं की सफाई किए जाने के दावे की अब 20 वकीलों की टीम मौके पर जाकर जांच करेगी। मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने इन वकीलों को कुओं का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करने और चार सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
नागपुर शहर के सार्वजनिक कुओं की बदहाल स्थिति और उनके पुनरुद्धार की मांग को लेकर संदेश सिंगलकर ने जनहित याचिका दायर की है। मंगलवार को न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति रजनीश व्यास की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
कुओं के रखरखाव और मरम्मत पर 1 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने पर अदालत ने पहले भी महानगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि पिछले वर्ष भी कुओं की सफाई किए जाने का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद अदालत ने साफ किए गए कुओं की जोनवार सूची मांगी थी। जलप्रदाय विभाग ने 464 कुओं की सूची अदालत में प्रस्तुत की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता स्मिता सिंगलकर ने 20 इच्छुक वकीलों की सूची पेश की। अब यह टीम मौके पर जाकर कुओं का निरीक्षण करेगी और चार सप्ताह में अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी।
महानगरपालिका की ओर से अधिवक्ता सुधीर पुराणिक ने पक्ष रखा।