गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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03:48 IST

15 सितंबर: अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस, जानें इतिहास की बड़ी घटनाएं

आज अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस है, साथ ही 15 सितंबर की तारीख से जुड़ी कई अहम घटनाओं और जन्म-मृत्यु का जिक्र।

15 सितंबर: अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस, जानें इतिहास की बड़ी घटनाएं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

आज यानी 15 सितंबर को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद है लोकतंत्र की कीमत लोगों को समझाना और इसे और मजबूत बनाना। लोकतंत्र दरअसल शासन की वो व्यवस्था है जिसमें जनता को अपना नेता चुनने और अपना भविष्य खुद तय करने का हक मिलता है। इसमें पारदर्शिता, बराबरी और मानव अधिकारों को सबसे ऊपर रखा जाता है। इस दिन का उद्देश्य नागरिकों को उनके अधिकार और जिम्मेदारियों का एहसास कराना है, साथ ही उन्हें शासन व्यवस्था में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करना भी है। यह दिन याद दिलाता है कि लोकतंत्र की जड़ों में जो मूल्य हैं, उन्हें बचाए रखने के लिए हर नागरिक को अपना योगदान देना जरूरी है।

अब बात करते हैं 15 सितंबर को देश-दुनिया के इतिहास में घटी बड़ी घटनाओं की। 1812 में नेपोलियन बोनापार्ट की अगुवाई में फ्रेंच सेना मॉस्को के क्रेमलिन तक पहुंच गई थी। 1821 में कोस्टारिका, ग्वाटेमाला, होंडुरास, निकाराग्वा और अल सॅल्वाडोर का स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। 1835 में चार्ल्स डार्विन जहाज से गॅलापागोस द्वीप पहुंचे थे। 1916 में पहले विश्वयुद्ध के दौरान पहली बार टैंकों का इस्तेमाल हुआ। 1935 में भारत का पहला पब्लिक स्कूल द डून स्कूल शुरू हुआ, और इसी साल जर्मनी ने अपने देश में यहूदियों की नागरिकता खत्म कर दी थी। 1948 में भारतीय सेना ने निजाम के कब्जे से औरंगाबाद शहर को आजाद कराया, और उसी साल एफ-86 सेबरजेट विमान ने 1,080 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़कर रिकॉर्ड बनाया। 1953 में विजयालक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्रसंघ की पहली महिला अध्यक्ष चुनी गईं। 1959 में भारत में प्रायोगिक तौर पर पहली दूरदर्शन सेवा शुरू हुई, और उसी साल निकिता क्रुश्चेव अमेरिका जाने वाले पहले रूसी नेता बने। 1968 में सोवियत संघ ने झांड 5 नाम का अंतरिक्षयान लॉन्च किया। 1971 में अलास्का में होने वाले कॅनिकिन परमाणु परीक्षण के विरोध में पहला ग्रीनपीस जहाज व्हँकुव्हर से रवाना हुआ। 1978 में मुहम्मद अली तीन बार बॉक्सिंग हेवीवेट खिताब जीतने वाले पहले बॉक्सर बने। 1981 में स्मिथसोनियन इन्स्टिट्यूट का जॉन बुल वॉशिंग्टन डीसी के बाहर अपने दम पर चलने वाला दुनिया का सबसे पुराना भाप इंजन बना। 1983 में इस्राइल के प्रधानमंत्री मेनाकेम बेगिन ने इस्तीफा दिया था। 2000 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 27वें ओलंपिक खेल शुरू हुए। 2008 में लेहमन ब्रदर्स नाम की वित्तीय कंपनी अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी दिवालिया कंपनी बनी। 2013 में नीना दावुलुरी भारतीय मूल की पहली मिस अमेरिका बनीं।

15 सितंबर को जन्मे लोगों में इटैलियन यात्री और नाविक मार्को पोलो (1254) शामिल हैं। 1861 में भारतरत्न से सम्मानित सर मोक्षमुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म मैसूर के मुद्देनहळ्ळी में हुआ था, और भारत में इसी दिन को अभियंता दिवस यानी इंजीनियर्स डे के तौर पर मनाया जाता है। बंगाली साहित्यकार शरदचंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म 1876 में हुआ। 1881 में इटैलियन ऑटोमोबाइल इंजीनियर एत्तोरे बुगाटी और 1890 में अंग्रेजी रहस्य-कथा लेखिका अगाथा क्रिस्टी का जन्म हुआ। 1905 में नाटककार, समीक्षक और हिंदी कवि राजकुमार वर्मा पैदा हुए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी.एन. अण्णादुराई का जन्म 1909 में हुआ, इसी साल स्वतंत्रता सेनानी और सहकारी आंदोलन के नेता रत्नाप्पा कुंभार भी पैदा हुए। 1926 में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अशोक सिंघल का जन्म आगरा में हुआ। मशहूर मराठी साहित्यकार दगडू मारुती पवार 1935 में पैदा हुए, और अर्थशास्त्री व शिक्षाविद सुब्रमण्यम स्वामी का जन्म 1939 में हुआ।

15 सितंबर को हुए निधन की बात करें तो 1998 में गोवा मुक्ति संग्राम के स्वतंत्रता सेनानी विश्वनाथ लवंदे का निधन हुआ। 2008 में साहित्यकार, समीक्षक और अर्थशास्त्री गंगाधर गाडगीळ का देहांत हुआ, जिनका जन्म 25 अगस्त 1923 को हुआ था। 2012 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांचवें सरसंघचालक के.एस. सुदर्शन का निधन हुआ, उनका जन्म 18 जून 1931 को हुआ था।

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