10 सितंबर का इतिहास: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस, जानिए आज की खास बातें
हर साल 10 सितंबर को मनाया जाता है विश्व आत्महत्या प्रतिबंध दिवस, साथ ही जानिए इतिहास में आज के दिन घटी कुछ बड़ी घटनाएं
हर साल 10 सितंबर को दुनियाभर में 'विश्व आत्महत्या प्रतिबंध दिन' मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद है आत्महत्या जैसे गंभीर मसले पर लोगों को जागरूक करना और इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाना। आत्महत्या एक बड़ी सामाजिक समस्या है, जिसकी वजह से हर साल कई लोगों की जान चली जाती है और उनका परिवार टूट जाता है।
इस दिन देश-विदेश में कई कार्यक्रम, सेमिनार और मुहिम चलाई जाती है, ताकि लोगों को मानसिक सेहत के बारे में जानकारी मिल सके। दरअसल, स्ट्रेस, डिप्रेशन और मानसिक परेशानियों का सही समय पर इलाज न मिले तो आत्महत्या की आशंका बढ़ जाती है। इसीलिए अगर वक्त रहते सही मदद मिल जाए तो आत्महत्या जैसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
अब बात करते हैं इतिहास में 10 सितंबर को घटी बड़ी घटनाओं की। 1846 में एलियास होवे को अमेरिका में सिलाई मशीन का पेटेंट मिला था। 1898 में लुइगी लुकेनी ने ऑस्ट्रिया की रानी एलिझाबेथ की हत्या कर दी थी। 1936 में पहली बार विश्व वैयक्तिक मोटरसाइकल स्पीडवे चैंपियनशिप का आयोजन हुआ। 1939 में दूसरे महायुद्ध के दौरान कनाडा ने जर्मनी के खिलाफ जंग का ऐलान किया था। 1943 में जर्मन फौजों ने रोम पर कब्जा करना शुरू किया था। 1966 में पंजाब राज्य का बंटवारा होकर पंजाब और हरियाणा, ऐसे दो अलग राज्य बने। 1967 में जनमत संग्रह में जिब्राल्टर की जनता ने स्पेन में शामिल होने की बजाय ब्रिटेन के साथ रहने का फैसला किया था। 1975 में अमेरिका का मानवरहित अंतरिक्ष यान वायकिंग-2 मंगल ग्रह की तरफ रवाना हुआ था। 2002 में हमेशा तटस्थ रहने वाला देश स्विट्जरलैंड संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल हुआ। और 2022 में रानी एलिझाबेथ द्वितीय के निधन के बाद सेंट जेम्स पैलेस में हुई बैठक में किंग चार्ल्स तृतीय को औपचारिक रूप से राजा घोषित किया गया।
आज ही के दिन कई मशहूर हस्तियों का जन्म भी हुआ था। इनमें टेस्ट क्रिकेटर और महाराजा के. एस. रणजितसिंह (1872) शामिल हैं, जिनकी याद में 1934 से रणजी ट्रॉफी क्रिकेट स्पर्धा खेली जाती है। इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानी और भारत के दूसरे गृहमंत्री तथा उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत (1887), नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी भौतिकशास्त्री आर्थर कॉम्प्टन (1892), भारत के 5वें उपराष्ट्रपति बी. डी. जत्ती (1912), मशहूर अभिनेत्री भक्ती बर्वे (1948) और भारतीय क्रिकेटर मनीष पांडे (1989) का जन्म भी इसी तारीख को हुआ था।
इसी दिन कुछ जानी-मानी हस्तियों का निधन भी हुआ। इनमें चीन के पहले सम्राट किन शी हुआंग, महात्मा फुले के सहयोगी और नामी सर्जन डॉ. विश्राम रामजी घोले (1900), बंगाली साहित्यकार सुकुमार रॉय (1923), नोबेल विजेता अंग्रेज भौतिकशास्त्री जॉर्ज पेजेट थॉमसन (1975), नोबेल विजेता स्विस भौतिकशास्त्री फेलिक्स ब्लॉक (1983) और रानी एलिझाबेथ द्वितीय (2022) का नाम शामिल है।