गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:26 IST

यूएई भारत में 1.10 लाख करोड़ रुपये लगाएगा, मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात में तय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक में यूएई की भारत में बड़े निवेश की घोषणा सामने आई।

यूएई भारत में 1.10 लाख करोड़ रुपये लगाएगा, मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात में तय तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

भारत और संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के बीच आर्थिक रिश्तों में एक बड़ा मोड़ आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में यूएई की तरफ से भारत में करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने पर सहमति बनी है। इसे भारत के लिए एक बड़ा मौका बताया जा रहा है।

भारत इस समय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, और इसी सिलसिले में अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी इसमें शामिल हो रहे हैं। शनिवार, 12 सितंबर को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और यूएई के बीच बढ़ते आर्थिक और सामरिक रिश्तों का जायजा लिया। इस मुलाकात के बाद यह खबर सामने आई कि यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी भारत के ओडिशा में एक इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम प्रोजेक्ट में 11.5 अरब डॉलर, यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपये लगाने जा रही है।

बैठक में मुख्य रूप से यूएई की भारत में निवेश योजनाओं पर ही बात हुई। मोदी और शेख खालिद ने यूएई इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा ओडिशा के इस एल्युमिनियम प्रोजेक्ट में 11.5 अरब डॉलर लगाने की घोषणा का स्वागत किया। बताया जा रहा है कि यह भारत में अब तक की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड एल्युमिनियम निवेश परियोजना होगी, और इससे ओडिशा को दुनिया के एल्युमिनियम उत्पादन केंद्रों में से एक के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात के बाद लिखा कि पिछले कुछ सालों में भारत और यूएई के रिश्ते पूरी तरह बदल गए हैं और अब दोनों देश अपनी महत्वाकांक्षाएं और ऊंची कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिलकर उन्हें खुशी हुई, और रक्षा, एआई, स्पेस तथा अन्य क्षेत्रों में सामरिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी यानी आईएचसी में अबू धाबी की बिजनेस ग्रुप रॉयल ग्रुप की बहुसंख्य हिस्सेदारी है। रॉयल ग्रुप पर सत्ताधारी अल नाहयान परिवार का नियंत्रण है, जिसके पास कंपनी में 61 फीसदी हिस्सेदारी है। आईएचसी की अगुवाई और देखरेख शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान करते हैं, जो यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के भाई हैं। शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान खुद आईएचसी के अध्यक्ष भी हैं। आईएचसी एक पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी है जो अबू धाबी सिक्योरिटीज एक्सचेंज यानी एडीएक्स पर लिस्टेड है, यानी इसके बाकी संस्थागत और सार्वजनिक शेयरधारक भी हैं।

हैदराबाद हाउस की इसी बैठक में दोनों नेताओं ने ब्रिक्स मंच के जरिए आपसी सहयोग को और मजबूत करने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहने पर भी सहमति जताई।

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