TISS में छात्र की मौत पर ABVP आक्रामक, इमरजेंसी मेडिकल सुविधा की मांग
मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज कैंपस में समय पर प्राथमिक इलाज न मिलने से एक छात्र की मौत हो गई, जिसके बाद ABVP ने प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज यानी TISS कैंपस में एक छात्र की मौत के बाद ABVP मुंबई सड़क पर उतर आई है। बुधवार को छात्रों के साथ मिलकर संगठन ने कैंपस में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन को छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और इमरजेंसी मेडिकल सुविधाओं को लेकर एक निवेदन सौंपा।
दरअसल हुआ यह था कि TISS के छात्र डॉ. जनार्दनन पी. की तबीयत कैंपस में अचानक बिगड़ गई थी, लेकिन उन्हें समय पर प्राथमिक इलाज नहीं मिल पाया। इसी वजह से उनकी हालत लगातार खराब होती गई और आखिरकार उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद कैंपस की इमरजेंसी मेडिकल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ABVP का कहना है कि प्रशासन को तुरंत ठोस और असरदार कदम उठाने चाहिए ताकि इमरजेंसी की हालत में छात्रों को समय पर एम्बुलेंस और जरूरी मेडिकल मदद मिल सके।
ABVP ने प्रशासन के सामने अपनी कुछ अहम मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि कैंपस में 24x7 इमरजेंसी मेडिकल सर्विस और एम्बुलेंस की व्यवस्था हो, साथ ही एक बैकअप एम्बुलेंस भी हमेशा तैयार रहे। दूसरी मांग है कि इमरजेंसी की स्थिति के लिए साफ-साफ एसओपी और हेल्पलाइन सिस्टम लागू किया जाए। तीसरी मांग यह है कि BARC अस्पताल या आसपास के किसी सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल के साथ एमओयू किया जाए ताकि छात्रों को तुरंत इलाज मिल सके। इसके अलावा संगठन ने हर छात्र को हेल्थ और एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर देने की मांग भी की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि TISS के हेल्थ सेंटर में पर्याप्त डॉक्टर, ट्रेंड मेडिकल स्टाफ, जरूरी दवाइयां और इमरजेंसी इक्विपमेंट उपलब्ध कराए जाएं।
ABVP मुंबई के मुंबई महानगर मंत्री अभिषेक पवार ने इस मौके पर कहा, "डॉ. जनार्दनन पी. की मौत से पूरे स्टूडेंट कम्युनिटी को गहरा झटका लगा है। इस घटना के बाद TISS प्रशासन के लिए यह बहुत जरूरी है कि वह कैंपस की इमरजेंसी मेडिकल व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा करे।"
उन्होंने आगे कहा कि छात्रों की जान से जुड़ी किसी भी इमरजेंसी स्थिति में एम्बुलेंस, मेडिकल मदद और सही अस्पताल में तुरंत इलाज मिलना एक बुनियादी जरूरत है। पवार के मुताबिक प्रशासन को सिर्फ आश्वासन देने के बजाय इन मांगों पर ठोस और समय-सीमा के भीतर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मामले में ABVP मुंबई कोई समझौता नहीं करेगी। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि अगले 10 दिनों के भीतर इन मांगों पर ठोस, दिखने लायक और संतोषजनक कार्रवाई की जाए।