गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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02:39 IST

तलोजा में लोढा लॉजिस्टिक पार्क जा रहा 16 टन संदिग्ध मांस का कंटेनर पकड़ा गया

उत्तर प्रदेश से नवी मुंबई आ रहे कंटेनर को हिंदुत्ववादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने रोका, पुलिस ने सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे

तलोजा में लोढा लॉजिस्टिक पार्क जा रहा 16 टन संदिग्ध मांस का कंटेनर पकड़ा गया
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नवी मुंबई की तरफ आ रहे एक कंटेनर को हिंदुत्ववादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने रास्ते में ही रोक लिया। इस कंटेनर में करीब 16 टन संदिग्ध मांस भरा हुआ था और यह उत्तर प्रदेश से निकला था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कंटेनर तळोजा इलाके के लोढा लॉजिस्टिक पार्क में एक वेयरहाउस के कोल्ड स्टोरेज की तरफ जा रहा था। पर्यूषण के दिनों में इतनी बड़ी मात्रा में मांस की ढुलाई सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया।

हुआ यूं कि हिंदुत्ववादी संगठन के कार्यकर्ताओं को पहले ही यह खबर लग गई थी कि उत्तर प्रदेश से एक संदिग्ध कंटेनर बड़ी मात्रा में मांस लेकर नवी मुंबई की ओर आ रहा है। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उस वाहन का पीछा किया और उसे रोक लिया। जब कंटेनर की जांच की गई तो उसमें करीब 16 टन मांस मिला। इसके तुरंत बाद कार्यकर्ताओं ने इलाके की हिल लाइन पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।

अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कंटेनर में मिला मांस किस जानवर का है, इसलिए फिलहाल इसे गोमांस बताना ठीक नहीं होगा। मांस की वैज्ञानिक जांच के लिए डॉक्टरों की एक टीम बुलाई गई थी। उन्हीं की मौजूदगी में अलग-अलग नमूने लेकर फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मांस किस तरह का है, और उसी के आधार पर पुलिस आगे कानूनी कार्रवाई करेगी।

पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, कंटेनर में मौजूद मांस को तळोजा के लोढा लॉजिस्टिक पार्क में एक वेयरहाउस के कोल्ड स्टोरेज में रखने के लिए ले जाया जा रहा था। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस मांस की ढुलाई किसने की, यह असल में कहां से भेजा गया और आगे किसे सप्लाई किया जाना था।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले के पीछे कोई बड़ा रैकेट तो नहीं है। ढुलाई के लिए जरूरी कागजात, मांस का सोर्स, संबंधित सप्लायर और आखिरी ग्राहक या डिलीवरी की जगह, इन सब की जांच होना जरूरी माना जा रहा है।

इस बीच हिंदुत्ववादी संगठनों ने इस मामले में आक्रामक रुख अपनाते हुए गहराई से जांच करने और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लेकिन मांस किस जानवर का है यह फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा, इसलिए तब तक इसे 'संदिग्ध मांस' ही कहना सही रहेगा।

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