गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:42 IST

सीएम महाफेड योजना: विदर्भ में 25 हजार युवाओं को मिलेगा अपना बिजनेस खड़ा करने का मौका

नौकरी ढूंढने वालों के लिए महायुति सरकार की योजना अब लागू होने जा रही है, पहले चरण में नागपुर और गडचिरोली समेत विदर्भ के जिलों को प्राथमिकता।

सीएम महाफेड योजना: विदर्भ में 25 हजार युवाओं को मिलेगा अपना बिजनेस खड़ा करने का मौका
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नौकरी की लाइन में लगे विदर्भ के युवाओं के लिए अब खुद अपना मालिक बनने का टाइम आ गया है। महायुति सरकार की सीएम महाफेड योजना अब जमीन पर उतरने वाली है। कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग ने इस योजना को लागू करने के लिए प्रशासनिक लेवल पर प्रोसेस तेज कर दी है, और काम शुरू भी हो चुका है।

प्रोजेक्ट के पहले पायलट फेज में पूरे राज्य के सिर्फ 12 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें विदर्भ के 4 जिलों को प्राथमिकता मिली है, जिसमें नागपुर और गडचिरोली भी शामिल हैं। इस पहले फेज में विदर्भ के युवाओं, महिलाओं और नए स्टार्टअप्स को 5 से 10 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद, मेंटरशिप और बैंक लोन में हैंडहोल्डिंग मिलना शुरू हो जाएगी।

यह चार साल का मेगा प्रोजेक्ट है, जिसमें आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कृषि संस्थानों को स्टार्टअप हब बनाया जाएगा। इसका मकसद है गांव की महिलाओं से लेकर हाईटेक इनोवेटर्स तक को सीधे बिजनेस लीडर बनाना। योजना के तहत गांव-शहर के युवाओं, महिला बचत समूहों और टेक-स्टार्टअप्स को ट्रेनिंग देकर कुल 25,000 नए बिजनेस बॉस तैयार किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री महाफंड योजना का मुख्य काम राज्य में स्वरोजगार, स्टार्टअप्स और इनोवेशन का एक मजबूत इकोसिस्टम खड़ा करना है। इसके तहत नए उद्यमियों और इनोवेटर्स की पहचान की जाएगी, राज्यभर के युवाओं, ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और नए स्टार्टअप इनोवेटर्स को स्काउट किया जाएगा। आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेजों, इंजीनियरिंग और कृषि कॉलेजों के जरिए आवेदकों की पारदर्शी और डिजिटल स्क्रूटनी होगी, साथ ही बिजनेस ट्रेनिंग और डीपीआर भी तैयार किया जाएगा।

चुने गए युवाओं को बिजनेस और तकनीकी ट्रेनिंग दी जाएगी। उनके बिजनेस आइडिया को बैंक से पास होने लायक और प्रैक्टिकल बिजनेस मॉडल में बदला जाएगा। फाइनेंशियल हेल्प और बैंक लोन की सुविधा दी जाएगी, और नए उद्यमियों को बैंक लोन, सरकारी योजनाओं व क्रेडिट सपोर्ट से जोड़ा जाएगा।

स्वरोजगार के लिए 5 लाख से 10 लाख रुपए तक की फाइनेंशियल हेल्प और फंडिंग की प्रोसेस को आसान बनाया जाएगा। स्टार्टअप्स और नए बिजनेसमैन को उनके फील्ड के एक्सपर्ट्स से गाइडेंस मिलेगी, टेक्निकल टेस्टिंग, बिजनेस अपग्रेडेशन और इंक्यूबेशन सेंटरों की मदद भी मिलेगी। मार्केट लिंक करवाकर बिजनेस को स्टेबल किया जाएगा और तैयार प्रोडक्ट व सर्विसेज को लोकल, नेशनल और इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचाने के लिए मार्केट एक्सेस दिया जाएगा। शुरुआती फेज के बाद भी बिजनेस के सही तरीके से चलने के लिए लगातार गाइडेंस और कंप्लायंस सपोर्ट मिलता रहेगा।

योजना को जमीनी स्तर पर असरदार बनाने के लिए नागपुर और विदर्भ के सरकारी आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों, कृषि संस्थानों और इंक्यूबेशन सेंटरों को सीधे इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इन्हीं संस्थानों के जरिए लोकल लेवल पर आवेदकों की स्क्रूटनी, गाइडेंस और मदद की जाएगी।

मुख्यमंत्री महाफंड योजना को दो अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है, ताकि हर वर्ग को उसकी जरूरत के हिसाब से मदद मिल सके। ए कैटेगरी के तहत ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और पहली बार अपना छोटा बिजनेस शुरू करने वालों को ट्रेनिंग, मेंटरशिप और फाइनेंशियल मदद दी जाएगी। बी कैटेगरी में नए आइडिया, टेक-स्टार्टअप्स और टेक्निकल इनोवेशन पर काम कर रहे युवाओं को इंक्यूबेशन, फंडिंग और मार्केट लिंकेज दिया जाएगा।

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