गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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01:05 IST

शिव ठाकरे का जन्मदिन: पेपर बांटने से लेकर 'द ५०' जीतने तक का संघर्ष

बिग बॉस फेम एक्टर शिव ठाकरे आज बर्थडे मना रहे हैं, और गरीबी से सफलता तक का उनका सफर चर्चा में है।

शिव ठाकरे का जन्मदिन: पेपर बांटने से लेकर 'द ५०' जीतने तक का संघर्ष तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

एक्टर शिव ठाकरे आज, ९ सितंबर को अपना बर्थडे मना रहा है। बिग बॉस और खतरों के खिलाड़ी जैसे रियलिटी शोज से घर घर में पहचान बनाने वाले शिव ने अब एक और बड़ी कामयाबी अपने नाम कर ली है। द ५० नाम के रियलिटी शो के पहले सीजन की ट्रॉफी शिव ठाकरे ने जीत ली है। मगर आज जो शिव पॉपुलैरिटी के टॉप पर है, उसका यहां तक पहुंचना बिलकुल भी आसान नहीं रहा। पैसों की तंगी, स्ट्रगल और छोटे मोटे कामों से शुरू हुआ उसका सफर आज एक बड़े रियलिटी शो की ट्रॉफी तक पहुंचा है।

शिव ठाकरे का ताल्लुक महाराष्ट्र के अमरावती के एक साधारण मराठी परिवार से है। परिवार को कई बार पैसों की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिंदगी के एक दौर में शिव झुग्गी बस्ती में भी रहा। हालात से लड़ते हुए उसने बचपन से ही घर की आर्थिक मदद करने की कोशिश शुरू कर दी थी।

रोडीज के ऑडिशन के दौरान शिव ने खुद अपनी स्ट्रगल स्टोरी बताई थी। घर की मदद के लिए उसने अपने पिता की पान की दुकान पर काम किया। इसके अलावा कभी अखबार बांटे तो कभी दूध के पैकेट बेचे। इस दौरान उसकी बड़ी बहन भी उसकी मदद करती रही।

पान की दुकान पर काम करने के साथ साथ शिव ने अपनी डांस की स्किल का इस्तेमाल भी कमाई के लिए किया। वो अपने इलाके के बच्चों को डांस सिखाया करता था। इससे उसे हर महीने १० हजार से २२ हजार रुपये तक की कमाई होती थी।

इसी कमाई से वो घर को आर्थिक मदद देता था, खुद पर भी खर्च करता था और बहन की शादी के लिए पैसे बचाता था। उसकी मेहनत की वजह से घर के हालात धीरे धीरे सुधरे और परिवार झुग्गी बस्ती से थोड़ी बेहतर जगह शिफ्ट हो गया।

शिव ठाकरे ने रियलिटी शो रोडीज से अपने करियर की शुरुआत की। ऑडिशन में उसने सिर्फ अपना टैलेंट ही नहीं दिखाया, बल्कि जिंदगी का स्ट्रगल और घर की हालत भी खुलकर बताई।

शिव के कॉन्फिडेंस और स्ट्रगल की कहानी से गैंग लीडर्स इंप्रेस हो गए थे। कई लोगों ने उसे अपने गैंग में लेने की इच्छा जताई थी। मगर शिव ने रणविजय की गैंग में शामिल होने का फैसला किया। उसने अपनी मां से वादा किया था कि अगर सिलेक्शन हुआ तो वो उन्हीं की टीम में जाएगा। शिव की यह बात सुनकर रणविजय भी इमोशनल हो गए थे। इस शो में शिव सेमीफाइनल तक पहुंचा था।

रोडीज के बाद शिव के करियर को बड़ा मोड़ मिला। उसे बिग बॉस मराठी में हिस्सा लेने का मौका मिला। इस शो में शिव ने अपनी चालाक चालों और स्ट्रैटेजी से दर्शकों का ध्यान खींचा।

आखिरकार उसने बिग बॉस मराठी की ट्रॉफी जीत ली और उसकी पॉपुलैरिटी और बढ़ गई। इसके बाद बिग बॉस हिंदी में भी उसने अपने गेम की छाप छोड़ी। शिव का यह सफर वाकई इंस्पायरिंग है। स्ट्रगल चाहे कितना भी बड़ा हो, मेहनत और जिद के दम पर हालात बदले जा सकते हैं, यह बात शिव ठाकरे के सफर से साफ दिखती है।

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