गुरूवार, 17 सितमबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
13:35 IST

सऊदी सीमा पर तनाव: अमेरिका ने नागरिकों को यमन बॉर्डर से दूर रहने की सख्त हिदायत दी

अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब को लेकर नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की, यमन सीमा के इलाकों में सबसे ऊंचे लेवल-4 खतरे का अलर्ट दिया गया।

सऊदी सीमा पर तनाव: अमेरिका ने नागरिकों को यमन बॉर्डर से दूर रहने की सख्त हिदायत दी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

अमेरिका के विदेश विभाग ने सऊदी अरब में रहने वाले और वहां जाने की सोच रहे अपने नागरिकों के लिए एक नई और बेहद अहम सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। यमन से लगी सीमा पर बढ़ते आतंकवाद, हथियारबंद संघर्ष और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की तरफ से लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों को देखते हुए अमेरिका ने पूरे सऊदी अरब के लिए यात्रा को लेवल-3 यानी "रीकंसिडर ट्रैवल" कैटेगरी में डाल दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अमेरिकी नागरिक फिलहाल सऊदी अरब जाने का प्लान पूरी तरह टाल दें, या फिर इस फैसले पर बहुत गंभीरता से दोबारा सोचें।

इसके अलावा यमन सीमा से सटे इलाके के लिए अमेरिका ने सबसे सख्त लेवल-4 यानी "डू नॉट ट्रैवल" की चेतावनी जारी कर दी है। विदेश विभाग ने साफ कहा है कि यमन सीमा पर सुरक्षा हालात बहुत बिगड़ चुके हैं और वहां आतंकी गतिविधियों तथा सैन्य संघर्ष का सीधा खतरा बना हुआ है। इसी वजह से अमेरिकी नागरिकों को किसी भी सूरत में इस सीमावर्ती इलाके में न जाने की हिदायत दी गई है।

यमन में सक्रिय हथियारबंद हूती गुटों ने सऊदी अरब के सीमावर्ती शहरों, सैन्य ठिकानों, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स और अहम ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाया है। यूरोप और एशिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से जरूरी इन प्रोजेक्ट्स पर सीधे या मिसाइलों के जरिए हमले किए जा रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने अपने नागरिकों को एक खास खतरे की तरफ भी आगाह किया है, सऊदी की एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम आसमान में ही जो हूती ड्रोन और मिसाइलें रोक देती है, उनका जलता हुआ मलबा सीधे जमीन पर, रिहायशी इलाकों या ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर गिरता है। यह मलबा बेहद खतरनाक साबित हो रहा है, जिससे सैन्य ठिकानों और तेल रिफाइनरी के पास रहने वाले अमेरिकी नागरिकों की जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने सऊदी अरब में अपने सरकारी कर्मचारियों पर भी सख्त यात्रा पाबंदियां लगा दी हैं। अमेरिकी कर्मचारियों को यमन सीमा से 20 मील (करीब 32 किमी) के दायरे में जाने की सख्त मनाही कर दी गई है। इसके अलावा कतीफ प्रांत में गैरजरूरी यात्रा पर बैन है, वहीं जिझान, असिर और नजरान जैसे सीमावर्ती प्रांतों में जाने के लिए अमेरिकी दूतावास से खास इजाजत लेना जरूरी कर दिया गया है।

अमेरिका की यह चेतावनी ऐसे वक्त आई है जब सऊदी अरब के मक्का और जेद्दाह जैसे पवित्र और अहम शहरों में सुरक्षा का हाई अलर्ट जारी किया गया था। 15 सितंबर को सऊदी की एयर डिफेंस फोर्स ने मक्का शहर के दक्षिण में प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसे एक हूती ड्रोन को आसमान में ही ढूंढकर तबाह कर दिया था। पवित्र इलाके की सुरक्षा पर आया यह खतरा सऊदी प्रशासन के लिए रेड लाइन माना जा रहा है।

इस सुरक्षा तनाव के अलावा अमेरिका ने अपने नागरिकों से सऊदी अरब के सख्त लोकल कानूनों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है। सऊदी सरकार या उसकी नीतियों की आलोचना करने वाली पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर करना, लाइक करना या उस पर कमेंट करना भारी पड़ सकता है। पहले भी विदेश में रहते हुए की गई सोशल मीडिया पोस्ट के लिए सऊदी में लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें 45 साल तक की जेल की सजा सुनाई गई है। साथ ही, किसी भी आर्थिक, पारिवारिक या दीवानी विवाद के चलते नागरिकों पर देश छोड़ने पर पाबंदी (एग्जिट बैन) लगाई जा सकती है, जो कई साल तक लागू रह सकती है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे