'सनई चौघडे' में इस बार दिखेगा कोकण का पारंपरिक गणेशोत्सव, परब परिवार जाएगा गांव
झी मराठी की सीरियल 'सनई चौघडे' में परब परिवार इस बार गणेशोत्सव मनाने अपने गांव जाएगा, एक्ट्रेस चिन्मयी साळवी ने शूटिंग का अनुभव शेयर किया।
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गणेशोत्सव में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं, इसलिए पूरे महाराष्ट्र में बप्पा के आगमन की तैयारियां जोरों पर हैं और हर तरफ उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। गणपति की बात हो तो कोकण के गणेशोत्सव की अपनी अलग ही अहमियत है। घर-घर में बप्पा का स्वागत, पारंपरिक पूजा-पाठ, आरती, भजन और गांव के माहौल में मनाया जाने वाला यह उत्सव कोकण की खासियत है। इसी पारंपरिक गणेशोत्सव की झलक अब झी मराठी की सीरियल 'सनई चौघडे' में दर्शकों को देखने को मिलेगी।
सीरियल में 'परब' परिवार इस बार गणेशोत्सव मनाने के लिए अपने गांव जाने वाला है। इसी वजह से सीरियल में कोकण के पारंपरिक गणेशोत्सव के कई रंग दिखाए जाएंगे। हरतालिका का पूजन, कार्यशाला से गणपति का आगमन, चार बेटियों के हाथों बप्पा का स्वागत, गांव की आरती, डबल बारी भजन, गौरी का आगमन और पारंपरिक तरीके से होने वाला गणपति विसर्जन जैसे कई प्रसंग इस खास ट्रैक में दिखाए जाएंगे।
इस गणेशोत्सव की शूटिंग का अनुभव बताते हुए शर्वरी का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस चिन्मयी साळवी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "मेरे लिए यह अनुभव बहुत खास है। मैं पहली बार कणकवली गई थी और मुझे लगा जैसे मैं अपने ही गांव आ गई हूं। मेरा गांव संगमेश्वर है, इसलिए यहां की खुशबू, उपले-चूल्हे की महक और गांव का माहौल बहुत अपना-सा लगा।"
चिन्मयी ने आगे बताया, "शूटिंग का काम बहुत ज्यादा था, लेकिन बिल्कुल भी स्ट्रेस या हेक्टिक नहीं लगा। ऐसा लगा जैसे गणपति की छुट्टियों में गांव आ गए हों। हम सबने खूब मस्ती करते हुए शूटिंग इंजॉय की। फिलहाल हम परब परिवार के गांव के घर में हैं। जिस तरह बाहर नौकरी करने वाले लोग गणपति के लिए छुट्टी लेकर गांव जाते हैं, ठीक वैसे ही हम सब गांव आए हैं।"
चिन्मयी ने यह भी बताया कि इस खास ट्रैक में खानोलकर परिवार के भी कुछ सदस्य शामिल होंगे, जिससे आगे सीरियल में कुछ दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। हालांकि इस बारे में उन्होंने ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "इसमें खानोलकर परिवार के भी कुछ मेंबर्स हैं, इसलिए आगे बहुत इंटरेस्टिंग चीजें देखने को मिलेंगी। इस बारे में ज्यादा रिवील नहीं कर सकती। लेकिन दर्शकों को यह ट्रैक जरूर बहुत पसंद आएगा।"
कोकण की शूटिंग का अनुभव बताते हुए चिन्मयी ने वहां की बारिश की वजह से आई दिक्कतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "कोकण की बारिश तो कभी भी शुरू हो जाती है और कभी भी रुक जाती है। इसलिए हमारी शूटिंग कुछ हद तक मौसम पर निर्भर थी। टीम बहुत अच्छे से प्लानिंग कर रही थी। बारिश आने पर उसी हिसाब से सीक्वेंस या लोकेशन बदलकर शूटिंग मैनेज की जाती थी।"
आउटडोर शूट होने की वजह से दिन काफी लंबा होता था। आमतौर पर 12 से 15 घंटे काम करना पड़ता था और कई बार इससे भी ज्यादा वक्त शूटिंग चलती थी। बारिश की वजह से लोकेशन पर पहुंचने से लेकर कंटीन्यूटी मेंटेन करने तक कई दिक्कतें आती थीं। अचानक बारिश शुरू होने पर टेक रोकना पड़ता था। लेकिन पूरी टीम के सहयोग से ये सारी दिक्कतें आसानी से पार हो गईं, ऐसा चिन्मयी ने बताया।
व्यस्त शूटिंग शेड्यूल की वजह से घूमने-फिरने का ज्यादा वक्त नहीं मिला, लेकिन काम के बीच-बीच में कलाकारों ने खूब एंजॉय किया। खासकर शूटिंग के आखिरी दिन बीच पर शूटिंग करते वक्त पूरी टीम ने खूब मस्ती की। चिन्मयी ने एक दिलचस्प किस्सा भी बताया, "वहां का खाना बहुत ही बढ़िया था और भजन, आरती, डबल बारी रखी गई थी। इसमें पूरी यूनिट ने खूब एंजॉय किया। हम सब सचमुच सुबह पांच बजे तक नाचे और अगले दिन साढ़े आठ बजे का कॉल टाइम होने के बावजूद सब फुल एनर्जी में थे।"
कोकण का सुंदर प्राकृतिक माहौल, गांव के लोग, पारंपरिक तरीके से मनाया जाने वाला गणेशोत्सव और उसमें दिखने वाला उत्साह इस वजह से 'सनई चौघडे' का यह गणेशोत्सव ट्रैक खास बनने वाला है। परब और खानोलकर परिवार के गांव में ठहरने के दौरान आखिर क्या-क्या होगा, यह देखना अब दर्शकों के लिए दिलचस्पी की बात होगी।