समृद्धी महामार्ग पर लूट की साजिश नाकाम, कोपरगाव पुलिस ने चार को पकड़ा
रात के अंधेरे में नकली नोट डालकर गाड़ियां रुकवाने का दांव पुलिस ने वक्त रहते पहचान लिया
समृद्धि महामार्ग पर पहले से ही डकैती और लूटपाट की घटनाओं की वजह से पुलिस की गश्त बढ़ी हुई थी, और उसी में अब एक और गैंग पुलिस के हाथ लग गई है। महामार्ग पर डकैती डालने की तैयारी में लगी इस गैंग को कोपरगांव पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया, और इससे बड़ा अनर्थ टल गया ऐसा पुलिस का कहना है। आरोपियों से हथियारों के साथ करीब 4 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है।
कुछ दिन पहले नासिक और छत्रपती संभाजीनगर इलाके में समृद्धि महामार्ग पर डकैती और लूटपाट की घटनाएं हुई थीं। उसके बाद महामार्ग की सुरक्षा का मुद्दा चर्चा में आया, और पुलिस ने गश्त के साथ साथ बंदोबस्त और बढ़ा दिया। इसी दौरान डकैती की तैयारी में लगी यह गैंग पुलिस के जाल में फंस गई जिससे हड़कंप मच गया।
पुलिस की दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने वाहन चालकों को लूटने के लिए एक चौंकाने वाली योजना बनाई थी। महामार्ग पर खिलौने वाले नकली नोट सड़क पर फेंकने थे, उस पर वाहन चालकों का ध्यान खींचना था, और चालक के गाड़ी रोकते ही उसे लूटना था, ऐसा इस गैंग का प्लान था। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर यह लूट करने की तैयारी आरोपी कर रहे थे।
कोपरगांव पुलिस की गश्ती टीम रात को समृद्धि महामार्ग इलाके के नगर मनमाड रोड पर जांच कर रही थी, तभी एक पुल के नीचे अंधेरे में चार लोग एक मालवाहक वाहन के साथ शक के दायरे में खड़े दिखे। पुलिस ने तुरंत स्थिति पर बारीकी से नजर रखना शुरू किया। उसी दौरान आरोपी महामार्ग पर आने वाले पहले व्यक्ति को निशाना बनाकर उसके पैसे और गहने लूटने की बात कर रहे थे, यह पुलिस को नजर आया। शक और बढ़ने पर पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए चारों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विवेक भरत शेलार (23, कल्याण पूर्व), ओमकार मारुती जगताप (19, उल्हासनगर), रोहित सुरेश परब (कल्याण) और बालकृष्ण राहुल सपकाले (19, उल्हासनगर) शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से खतरनाक हथियार, लूटपाट में इस्तेमाल होने वाला वाहन और बाकी सामान जब्त किया। जब्त किए गए माल की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई गई है।
रात के वक्त वाहन चालकों को निशाना बनाकर लूट करने की यह साजिश पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दी। नकली नोटों का इस्तेमाल कर वाहन चालकों को रोकने की आरोपियों की योजना थी, लेकिन पुलिस की गश्त की वजह से यह दांव फेल हो गया। इस मामले की आगे की जांच कोपरगांव पुलिस कर रही है, और आरोपियों की गैंग के और किससे संबंध हैं, इसकी भी जांच जारी है।