गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:21 IST

रत्नागिरी में गणेशोत्सव की धूम, मुंबई-पुणे से लाखों चाकरमानी गांव लौटे

कोकण के गांव-गांव में बप्पा के स्वागत की तैयारी पूरी, रत्नागिरी जिले में डेढ़ लाख से ज्यादा मूर्तियां बैठेंगी

रत्नागिरी में गणेशोत्सव की धूम, मुंबई-पुणे से लाखों चाकरमानी गांव लौटे
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

साल भर जिस पल का पूरे कोकण को इंतजार रहता है, वो अब बस कुछ घंटों की दूरी पर है। रत्नागिरी जिले में इस बार बड़ी धूमधाम से गणेश प्रतिष्ठापना होने जा रही है। जिले में कुल एक लाख उनहत्तर हजार छह सौ चौसठ गणेशमूर्तियां बैठाई जाएंगी, जिनमें एक लाख उनहत्तर हजार पांच सौ अड़तीस घरेलू और एक सौ छब्बीस सार्वजनिक गणपति शामिल हैं।

मुंबई, पुणे, नाशिक, औरंगाबाद और राज्य के दूसरे कोने-कोने से चाकरमानी बड़ी तादाद में अपने गांव लौट आए हैं, जिससे कोकण जाने वाले रास्ते गाड़ियों और लोगों से भर गए हैं। हर घर में गणराया के स्वागत के लिए सफाई और सामान की खरीदारी पूरी हो चुकी है।

घरेलू गणपति की बात करें तो चिपळूण में सबसे ज्यादा सोलह हजार सात सौ पच्चीस मूर्तियां दर्ज हुई हैं। इसके बाद लांजा में सोलह हजार एक सौ पैंतालीस, रत्नागिरी ग्रामीण में चौदह हजार सात सौ तिहत्तर, गुहागर में चौदह हजार चार सौ साठ और संगमेश्वर में तेरह हजार पांच सौ चौवालीस घरेलू गणपति बैठेंगे।

इनके अलावा देवरूख में बारह हजार चार सौ तिरानवे, खेड में बारह हजार सात सौ, दापोली में छह हजार चार सौ छिहत्तर, नाटे में सात हजार दो सौ उनासी, अलोरे शिरगाव में चार हजार पांच सौ सत्तर, जयगड में तीन हजार चार सौ पचास, पूर्णगड में तीन हजार सात सौ अड़सठ, मंडणगड में दो हजार नौ सौ पैंतालीस, दाभोळ में एक हजार चार सौ निन्यानवे और बाणकोट में सात सौ साठ घरेलू गणपति स्थापित होंगे।

सार्वजनिक गणेशोत्सव के मामले में रत्नागिरी शहर सबसे आगे है, जहां छब्बीस मंडल बप्पा की स्थापना करेंगे। खेड में इक्कीस मंडल हैं। इसके अलावा चिपळूण में सोलह, मंडणगड में ग्यारह, दापोली में नौ, राजापुर और देवरूख में सात-सात, जबकि लांजा और जयगड में छह-छह सार्वजनिक गणपति बैठेंगे।

गुहागर के श्रृंगारतली का राजा और निलकंठेश्वर सार्वजनिक गणपति खास आकर्षण का केंद्र माने जाते हैं। रत्नागिरी शहर में श्री रत्नागिरी का राजा, बंदर रोड, तिलक आली और शांतिनगर का राजा की गणेशमूर्तियां भी काफी मशहूर हैं।

सिर्फ आम घरों और मंडलों में ही नहीं, बल्कि पुलिस थानों, महावितरण दफ्तरों, सरकारी अस्पतालों, नगरपरिषद, जिला विशेष कारागृह और बांधकाम विभाग जैसे कई सरकारी दफ्तरों में भी इस बार बड़े उत्साह से गणराया का आगमन हो रहा है, और वहां खास आकर्षक देखावे तैयार किए जा रहे हैं।

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