पूर्व महसूल राज्यमंत्री एड. मदन बाफना का निधन, मावळ में सन्नाटा
मावळ के पूर्व विधायक और पूर्व महसूल परिवहन राज्यमंत्री एड. मदन बाफना का 85 साल की उम्र में बीमारी से निधन हो गया।
महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और मावळ तालुका के सुपुत्र एड. मदन बाफना अब नहीं रहे। सोमवार (14 तारीख) को बीमारी के चलते 85 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली। बाफना मावळ विधानसभा सीट के पूर्व विधायक और पूर्व राजस्व व परिवहन राज्यमंत्री थे। उनके जाने से मावळ तालुका ही नहीं, पूरे पुणे जिले के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक हलकों में बड़ा खालीपन आ गया है।
बाफना का राजनीतिक सफर काफी लंबा और असरदार रहा। 1967 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत के साथ साथ सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। पुणे में पढ़ाई के दौरान उनकी दोस्ती वरिष्ठ नेता शरद पवार से हुई थी, जो आगे चलकर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में लंबे साथ में बदल गई। बाफना ने अपनी राजनीतिक शुरुआत स्थानीय स्तर से की। उन्होंने मावळ तालुका कांग्रेस कमिटी और पुणे जिला कांग्रेस कमिटी के महासचिव की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 1977 में वे पुणे जिला परिषद के सदस्य चुने गए।
मावळ विधानसभा सीट से उन्होंने 1985 और 1990 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस तरह वे दो बार मावळ के विधायक रहे। विधायक रहते हुए उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में काम करने का मौका मिला। शरद पवार और सुधाकरराव नाईक के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में उन्होंने राज्यमंत्री की जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने राजस्व राज्यमंत्री और परिवहन राज्यमंत्री, दोनों पद संभाले। राजस्व राज्यमंत्री रहते हुए उन्होंने जमीन से जुड़े मसलों और राजस्व प्रशासन के कामकाज पर खास ध्यान दिया, साथ ही मावळ तालुका के विकास कामों के लिए भी लगातार पीछा किया।
1999 में जब शरद पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी बनाई, तब एड. मदन बाफना भी पवार के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस में शामिल हो गए। बाद में उन्होंने पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। पार्टी संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की बड़ी टीम खड़ी करने में उनका खासा योगदान रहा। शरद पवार के भरोसेमंद और करीबी साथी के तौर पर राजनीतिक हलकों में उनकी पहचान थी।
राजनीति के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी बाफना का बड़ा योगदान रहा। वडगाव में संत तुकाराम शिक्षण प्रसारक मंडळ की स्थापना में उनका अहम रोल था, जिसके जरिए कई छात्रों को पढ़ाई का मौका मिला। मावळ और पुणे जिले की राजनीति में एक पढ़े लिखे, संस्कारी, अभ्यासी और प्रशासन की समझ रखने वाले वरिष्ठ नेता के तौर पर एड. मदन बाफना का सम्मान था। कार्यकर्ताओं से उनके अपनेपन भरे रिश्ते और आम लोगों के सवालों के लिए उठाई गई आवाज ने उन्हें मावळ की जनता से गहरे तौर पर जोड़ दिया था। उनके निधन से मावळ ने एक अनुभवी राजनीतिक नेतृत्व, सामाजिक समझ रखने वाला व्यक्तित्व और शिक्षा के लिए काम करने वाला एक वरिष्ठ मार्गदर्शक खो दिया है।