पुणे में विधायक गायकवाड़ पर मामला दर्ज न होने से रोहित पवार आक्रामक
कोथरूड पुलिस थाने में रोहित पवार और प्रशांत आंबी का दो घंटे धरना, पुलिस ने बताई वजह
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पुणे के कोथरूड पुलिस थाने में बुधवार को अच्छा हंगामा देखने को मिला। बुलढाणा के शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड के खिलाफ मामला दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया जाए, इस मांग के लिए कोल्हापुर के प्रकाशक प्रशांत आंबी और राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक रोहित पवार पुलिस थाने पहुंचे थे।
आंबी की पत्नी आरती आंबी के साथ विधायक पवार ने पूरे दो घंटे पुलिस थाने में धरना दिया। "पुणे पुलिस न्याय देते हैं, तो हमें भी न्याय चाहिए," ऐसा कहते हुए पवार ने आक्रामक रुख अपनाया।
मामला यह है कि विधायक संजय गायकवाड ने प्रशांत आंबी को गाली गलौज की, ऐसा आरोप है। इससे पहले ही आंबी ने कोल्हापुर पुलिस के पास गायकवाड के खिलाफ शिकायत दी थी। फोन पर मां बहन को लेकर अश्लील गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी, ऐसा आरोप आंबी ने लगाया है। संतोष पंडित पर जैसे मामला दर्ज हुआ, उसी तरह गायकवाड पर भी मामला दर्ज किया जाए, ऐसी मांग आंबी की पत्नी और मां ने पुलिस के पास की।
इसी मामले में सोनाली त्रिंबक कांबळे ने 5 सितंबर को कोथरूड पुलिस के पास अलग शिकायत अर्ज दिया था। सोशल मीडिया पर घूम रही एक कथित ऑडियो क्लिप में गायकवाड और आंबी के बीच की बातचीत होने का दावा इस शिकायत में किया गया। अश्लील गाली गलौज के साथ ही घर में घुसकर मारने की, जुबान काटने की और मार डालने की धमकी दी, ऐसा आरोप इस शिकायत में है। जनप्रतिनिधि ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है, इसलिए संज्ञेय अपराध का मामला दर्ज किया जाए, ऐसी मांग की गई थी।
कोथरूड पुलिस ने इससे पहले चंद्रकांत पाटील पर टिप्पणी करने के मामले में संतोष पंडित के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया था। उसी तरह गायकवाड के खिलाफ भी तेजी से कार्रवाई हो, ऐसी मांग प्रशांत आंबी ने की। आंबी परिवार को न्याय मिले, इसके लिए रोहित पवार ने भी पुलिस के पास मामला दर्ज करने की मांग पर जोर दिया।
मगर पुलिस उपायुक्त सागर कवडे ने साफ किया कि, प्रशांत आंबी से जुड़ी इसी घटना में पहले से कार्रवाई चल रही है और कोल्हापुर के राजारामपुरी पुलिस थाने में यह मामला न्याय प्रविष्ट है। इसलिए उसी घटना का दूसरा मामला पुणे में दर्ज नहीं किया जा सकता, ऐसा उन्होंने बताया। संतोष पंडित पर की गई कार्रवाई को लेकर भी कवडे ने खुलासा किया, पंडित की गिरफ्तारी कानूनी थी और अदालत ने भी उसे वैध ठहराया है। पांच दिनों में गहन जांच की गई है और पंडित जांच में सहयोग कर रहे हैं, यह भी उन्होंने बताया।
"प्रशांत आंबी के साथ जो कुछ हुआ उससे जुड़ी उनकी पत्नी आरती आंबी शिकायत देने आई थीं। इसे लेकर कोल्हापुर के राजारामपुरी पुलिस थाने में असंज्ञेय मामला पहले से ही दर्ज है। अदालत ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और जांच जारी है। इसलिए कोथरूड पुलिस थाने में मामला दर्ज नहीं किया जा सकता, यह आंबी को बताया गया है। एक ही घटना की जांच दो जगह नहीं होती, इसलिए उन्हें यह जानकारी दी गई," ऐसा पुलिस उपायुक्त (परिमंडल तीन) सागर कवडे ने बताया।