पुणे के सार्थक चव्हाण ने मद्रास सर्किट पर तीन खिताब जीते, सुपर स्पोर्ट और इलेक्ट्रिक आरटीई में बाजी मारी
एमआरएफ इंडियन नेशनल रेसिंग चैलेंज में 19 साल के सार्थक चव्हाण ने पेट्रोनास टीवीएस रेसिंग टीम की तरफ से खेलते हुए दो कैटेगरी में तिहरा खिताब जीता।
मद्रास इंटरनेशनल सर्किट पर हुई एमआरएफ इंडियन नेशनल रेसिंग चैलेंज 2डब्ल्यू-2026 स्पर्धा में पुणे के 19 साल के सार्थक चव्हाण ने कमाल दिखाया। पेट्रोनास टीवीएस रेसिंग टीम से रेस लड़ रहे सार्थक ने सुपर स्पोर्ट 301-400सीसी ओपन कैटेगरी में लगातार दो रेस जीतकर डबल खिताब अपने नाम किया। इसके बाद पेट्रोनास टीवीएस रेसिंग वन-मेक चैंपियनशिप की इलेक्ट्रिक आरटीई कैटेगरी में भी पहला नंबर हासिल करके सार्थक ने तिहरा खिताब पूरा कर लिया।
रविवार को हुई इस रेस में सार्थक पोल पोजिशन से शुरुआत कर रहा था, लेकिन शुरुआत में थोड़ी दिक्कत आ गई। इसका फायदा उठाकर सार्थक के ही पेट्रोनास टीवीएस रेसिंग टीम के साथी रक्षित दवे ने आगे बढ़त बना ली। दोनों राइडर आखिरी लैप तक अपनी-अपनी पोजिशन पर बने रहे। लेकिन आखिरी लैप में टर्न-4 पर सार्थक ने रक्षित को पीछे छोड़ते हुए रेस जीत ली। इस रेस में तीसरे नंबर पर हैदराबाद के राहिल पिल्लरीसेट्टी रहे। इस कैटेगरी की दोनों रेस में सार्थक पहले नंबर पर आया। स्पर्धा की क्वालिफाइंग राउंड में सार्थक हिस्सा नहीं ले पाया था, इसलिए पहली रेस में वह सबसे आखिरी पोजिशन से शुरू करके भी पहले नंबर पर पहुंचा।
इलेक्ट्रिक आरटीई कैटेगरी में भी सार्थक ने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा। पेट्रोनास टीवीएस रेसिंग वन-मेक चैंपियनशिप की तीन राउंड वाली इस कैटेगरी में सार्थक पहले नंबर पर रहा और इस तरह तिहरा खिताब पूरा हुआ। इस कैटेगरी में बेंगलुरु के चिरंत विश्वनाथ दूसरे नंबर पर और सैवियन साबू तीसरे नंबर पर रहे।
इससे पहले एशिया रोड रेसिंग चैंपियनशिप की टीवीएस रेसिंग इंटरनेशनल चैंपियनशिप कैटेगरी में मलेशिया में हुए इस सीजन के पहले राउंड में सार्थक पोडियम पर पहुंचा था। इसके बाद मई महीने में थाईलैंड के बुरिराम शहर में चांग इंटरनेशनल सर्किट पर हुए दूसरे राउंड में सार्थक खिताब का बड़ा दावेदार माना जा रहा था और उसने अपने प्रदर्शन से यह साबित भी कर दिया था।
16 अगस्त को मद्रास इंटरनेशनल सर्किट पर हुई एमआरएफ इंडियन नेशनल रेसिंग चैलेंज की सुपर स्पोर्ट 301-400 सीसी कैटेगरी में भी सार्थक ने पेट्रोनास टीवीएस रेसिंग टीम की तरफ से खेलते हुए खिताब जीता था। छह राउंड की इस रेस में सार्थक ज्यादातर समय तीसरे नंबर पर चल रहा था, उससे आगे बेंगलुरु के उसके साथी चिरंत विश्वनाथ और हैदराबाद के राहिल पिल्लारीसेट्टी थे। लेकिन आखिरी राउंड में सार्थक ने दोनों को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बना ली और खिताबी जीत हासिल की।