पीतल के बर्तनों की काली पड़ी चमक घर पर आसान तरीकों से लौटाएं
हवा और नमी से पीतल के बर्तनों पर जमी काली परत हटाने के लिए नींबू-नमक, विनेगर-बेकिंग सोडा जैसे घरेलू नुस्खे कारगर हैं।
घर में रखे पीतल के बर्तन और सजावटी सामान अपनी चमक की वजह से हमेशा अलग ही दिखते हैं। पूजा में इस्तेमाल होने वाला पीतल का दिया हो, त्योहारों पर निकाला जाने वाला पीतल का थाल हो, या बरसों से संभालकर रखा कोई पुराना बर्तन हो, ये चीजें सिर्फ घर की सजावट से नहीं बल्कि हमारी यादों और परंपराओं से भी जुड़ी होती हैं। लेकिन समय के साथ इनकी चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ने लगती है और सतह पर काली या भूरी परत जम जाती है। इसे वापस चमकाने के लिए कई लोग पॉलिश कराने की सोचते हैं, लेकिन हर बार ऐसा करना जरूरी नहीं है।
पीतल असल में तांबे और जस्ते का मिश्रण होता है। जब यह लगातार हवा, नमी, पानी या कुछ खास खाने-पीने की चीजों के संपर्क में आता है, तो इसकी सतह पर धीरे-धीरे एक परत जमने लगती है। इसी वजह से समय के साथ चमकदार पीतल काला, भूरा या फीका दिखने लगता है। इसे टार्निशिंग कहते हैं। रोज इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें ही पीतल को साफ करने में मदद कर सकती हैं।
हल्की कालिख हटाने का सबसे आसान तरीका है नींबू और नमक का इस्तेमाल। एक नींबू को आधा काटकर उसके कटे हिस्से पर थोड़ा नमक लगाएं और उसे पीतल की सतह पर हल्के हाथों से रगड़ें। नींबू में मौजूद एसिड जमी हुई परत को ढीला करने में मदद करता है, जबकि नमक हल्के स्क्रबर की तरह काम करता है। इस तरीके से पीतल के बर्तन, थाल, पूजा का सामान और रोजमर्रा की छोटी-मोटी चीजें साफ की जा सकती हैं। साफ करने के बाद बर्तन को पानी से धोकर पूरी तरह सुखा लें।
अगर पीतल पर कालिख ज्यादा हो और सामान्य सफाई से न निकले, तो सफेद विनेगर और बेकिंग सोडा का मिश्रण आजमाया जा सकता है। दोनों को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं और इसे उस हिस्से पर लगाएं जहां कालिख जमी है। इसे पांच से दस मिनट तक ऐसे ही लगा रहने दें। इसके बाद मुलायम स्पंज या कपड़े से हल्के हाथों से रगड़कर पानी से धो लें। ध्यान रखें कि पीतल साफ करते वक्त ज्यादा जोर से न रगड़ें, क्योंकि इससे सतह पर खरोंचें आ सकती हैं।
पीतल को साफ करने के लिए इमली और टमाटर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। काली पड़ी पीतल की सतह पर इमली का गूदा या टमाटर का रस लगाकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। इनमें मौजूद नैचुरल एसिड कालिख हटाने में मदद कर सकता है। थोड़ी देर बाद बर्तन को पानी से अच्छी तरह धो लें और सूखे, मुलायम कपड़े से पोंछ लें।
पीतल के सामान को बार-बार काला पड़ने से बचाने के लिए उनकी नियमित देखभाल जरूरी है। इस्तेमाल के बाद बर्तनों को ज्यादा देर तक गीला न रहने दें। इन्हें हल्के साबुन से साफ करें और तुरंत सुखा लें। तेज डिटर्जेंट या खरखरे स्क्रबर के इस्तेमाल से बचें। पीतल के सामान को जहां रखा जाए, वह जगह भी सूखी होनी चाहिए। अगर कोई चीज लंबे समय तक इस्तेमाल में नहीं है, तो उसे मुलायम कपड़े में लपेटकर रखें, इससे नमी और हवा के सीधे संपर्क में आने से बचाव होगा।