गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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02:36 IST

फरक्का पानी विवाद के बीच सम्राट चौधरी ने बुलाई भाजप मंत्रियों की बैठक

JDU नेता संजय झा के फरक्का जल संधि पर तीखे बयान के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज, मुख्यमंत्री ने पटना में तलब किए सभी भाजप मंत्री।

फरक्का पानी विवाद के बीच सम्राट चौधरी ने बुलाई भाजप मंत्रियों की बैठक
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। फरक्का जल संधि के मुद्दे पर JDU की आक्रामक भूमिका के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजप कोटे के सभी मंत्रियों की एक जरूरी बैठक बुला ली है। यह बैठक शुक्रवार शाम 5 बजे मुख्यमंत्री के आवास पर होने की बात कही जा रही है।

खास बात यह है कि भाजप कोटे के सभी मंत्रियों को इस बैठक में हाजिर रहने के निर्देश दिए गए हैं। जो मंत्री फिलहाल पटना या बिहार से बाहर हैं, उन्हें भी तुरंत पटना बुलाया गया है, ऐसी जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है। अचानक बुलाई गई इस बैठक ने बिहार के सियासी गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है।

पार्टी स्तर पर इस बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर होने वाले कार्यक्रमों की तैयारी से जोड़ा जा रहा है। लेकिन बिहार में चल रहे मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए बैठक के समय को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। खासकर JDU के फरक्का जल संधि पर लिए गए रुख और राज्यसभा सांसद संजय झा के बयान के बाद यह बैठक हो रही है, इसलिए इसे राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।

दरअसल JDU बिहार के अलग-अलग जिलों में 'फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद' कार्यक्रम चला रही है। बेगूसराय में ऐसे ही एक कार्यक्रम में संजय झा ने फरक्का संधि के मुद्दे पर तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "सत्ता रहे या ना रहे, बिहार के पानी से समझौता नहीं करेंगे।" इस बयान के बाद बिहार में JDU और भाजप की भूमिकाओं को लेकर सियासी चर्चा शुरू हो गई।

संजय झा के मुताबिक 1996 से फरक्का जल संधि के मुद्दे पर बिहार के साथ नाइंसाफी हो रही है। उनका दावा है कि बरसात में बिहार के कई इलाकों को बाढ़ झेलनी पड़ती है, जबकि जब राज्य को पानी की जरूरत होती है तब जरूरी मात्रा में पानी नहीं मिलता। इसी वजह से JDU फरक्का जल संधि पर फिर से विचार करने की मांग को और आक्रामक तरीके से उठा रही है। कहा जा रहा है कि इस मुद्दे के जरिए केंद्र की NDA सरकार पर भी दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।

बिहार में NDA सरकार के प्रमुख घटक दल भाजप और JDU हैं। ऐसे में JDU के वरिष्ठ नेता की तरफ से 'सत्ता रहे या ना रहे' जैसा बयान आने के बाद राजनीतिक हलकों की नजर दोनों पार्टियों के अगले कदम पर टिकी है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सिर्फ भाजप कोटे के मंत्रियों की बैठक बुलाई, जिससे चर्चाओं को और बल मिला है। हालांकि यह बैठक NDA के भीतर के मतभेदों से ही जुड़ी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भाजप के सभी मंत्री बैठक में मौजूद रहेंगे, ऐसे में इस बैठक में क्या फैसले लिए जाते हैं, फरक्का जल संधि पर भाजप का रुख क्या रहेगा और JDU के बयानों पर कोई चर्चा होती है या नहीं, इस पर बिहार के सियासी हलकों की नजर टिकी है। फिलहाल बैठक की वजह पार्टी के आने वाले कार्यक्रमों की तैयारी बताई जा रही है, लेकिन बिहार के बदलते सियासी माहौल के चलते इस बैठक को खास तवज्जो मिल रही है।

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