पेट्रोल-डीजल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में केंद्र की कटौती, ग्राहकों पर असर नहीं
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डिझेल और ATF की एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाई, आम आदमी की जेब पर कोई असर नहीं
महंगाई के इस दौर में केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स कम कर दिया है। हालांकि इस बदलाव का सीधा फायदा आम ग्राहक को नहीं मिलने वाला, क्योंकि इसका असर सिर्फ एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के खर्च पर पड़ेगा।
वित्त मंत्रालय के नए फैसले के मुताबिक पेट्रोल एक्सपोर्ट पर लगने वाला टैक्स अब १.५० रुपये प्रति लीटर से घटाकर ०.५० रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी पेट्रोल एक्सपोर्ट पर ड्यूटी में १ रुपये प्रति लीटर की कटौती हुई है।
इसी तरह डिझेल एक्सपोर्ट पर लगने वाला कुल टैक्स २५ रुपये प्रति लीटर से घटाकर २० रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, यानी डिझेल पर एक्सपोर्ट टैक्स में ५ रुपये प्रति लीटर की कमी आई है। डिझेल एक्सपोर्ट पर पहले लगने वाले २५ रुपये प्रति लीटर के कुल टैक्स में २४ रुपये स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी SAED और १ रुपया रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस RIC का हिस्सा था। अब RIC को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
यह भी साफ किया गया है कि देश में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल और डिझेल पर लगने वाली मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है, यानी घरेलू बाजार के रेट्स इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे।
वहीं एविएशन टर्बाइन फ्यूल ATF के एक्सपोर्ट पर अभी भी १५ रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगता रहेगा। सरकार हर १५ दिन में इस टैक्स की समीक्षा करती है। सरकार ने २७ मार्च २०२६ से पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट पर यह एक्स्ट्रा ड्यूटी लागू की थी। इसके पीछे मकसद था पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा संकट के बीच देश में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और एक्सपोर्ट को सीमित करना।
अब सवाल उठता है कि आखिर यह विंडफॉल टैक्स होता क्या है। दरअसल विंडफॉल टैक्स एक ऐसा एक्स्ट्रा टैक्स है जो सरकार तेल कंपनियों पर लगाती है। जब इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम अचानक बढ़ जाते हैं और इससे तेल कंपनियों को बहुत ज्यादा मुनाफा होता है, तो सरकार उस एक्स्ट्रा प्रॉफिट के एक हिस्से पर टैक्स लगा सकती है। इसी को विंडफॉल टैक्स कहा जाता है।
कुल मिलाकर, यह फैसला सिर्फ एक्सपोर्ट करने वाली ऑयल कंपनियों की लागत को प्रभावित करेगा। पेट्रोल पंप पर मिलने वाले पेट्रोल-डिझेल के दाम में इस वजह से किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है, क्योंकि घरेलू खपत पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में सरकार ने कोई फेरबदल नहीं किया है।