गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:39 IST

पेण के गणेश मूर्तिकारों को दिल्ली में मिला मंच, धैर्यशील पाटील की पहल रंग लाई

रायगड के पेण की पारंपरिक गणेशमूर्ती कला अब दिल्ली के महाराष्ट्र एम्पोरियम तक पहुंच गई है, वहीं मुंबई में भी शाडू की इको-फ्रेंडली मूर्तियां बिक्री के लिए रखी गई हैं।

पेण के गणेश मूर्तिकारों को दिल्ली में मिला मंच, धैर्यशील पाटील की पहल रंग लाई तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

गणेशोत्सव नजदीक आते ही इस बार पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव पर खास जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में रायगड जिले के पेण की मशहूर और पारंपरिक गणेशमूर्तियों को देश भर में पहचान दिलाने के लिए एक अहम पहल की गई है। पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा दक्षिण रायगड जिलाध्यक्ष धैर्यशील पाटील की कोशिशों से पेण की गणेशमूर्तियों को सीधे दिल्ली के महाराष्ट्र एम्पोरियम में जगह मिली है।

पेण की पारंपरिक गणेशमूर्ति कला सिर्फ एक स्थानीय पहचान नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की समृद्ध कला और संस्कृति की एक अहम विरासत मानी जाती है। इस कला को राज्य की सीमाओं से बाहर पूरे देश में पहुंचाने के मकसद से धैर्यशील पाटील ने खास पहल की।

उनके नेतृत्व में और पेण की पार्षद पल्लवी प्रसाद कालेकर के कॉन्सेप्ट से दिल्ली के महाराष्ट्र एम्पोरियम में पहली बार पेण की जानी-मानी गणेशमूर्तियां बिक्री और प्रदर्शनी के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। इससे पेण के मूर्तिकारों की कला को सीधे राष्ट्रीय स्तर पर ग्राहकों और कला प्रेमियों तक पहुंचने का मौका मिला है।

इस पहल को सिर्फ समर्थन देने तक सीमित न रखते हुए धैर्यशील पाटील ने खुद दिल्ली के प्रदर्शनी केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पेण के मूर्तिकारों और कलाकारों से मिलकर उनका हालचाल पूछा और उनके काम की जानकारी लेते हुए कलाकारों को हौसला दिया।

पेण की गणेशमूर्ति कला को दिल्ली के जरिए देशभर में पहुंचाने का यह मौका ऐतिहासिक साबित हो सकता है। इससे स्थानीय कलाकारों की पारंपरिक कला को बड़ा बाजार मिलने के साथ-साथ पेण के नाम की देश भर में पहचान बनाने में भी मदद मिलेगी।

दूसरी तरफ, मुंबई के गणेशभक्तों के लिए भी पेण के मूर्तिकारों की बनाई हुई पर्यावरणपूरक शाडू की गणेशमूर्तियां उपलब्ध कराई गई हैं। महाराष्ट्र लघु उद्योग विकास महामंडल के जरिए कुलाबा के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित 'मराठी महाराष्ट्र एम्पोरियम' में पेण के मूर्तिकारों और महिला बचत समूहों की बनाई सुंदर शाडू की मूर्तियां बिक्री के लिए रखी गई हैं।

महामंडल की सह-प्रबंध निदेशिका प्रशाली दिगावकर की कोशिशों से यह पहल शुरू हुई है। 'मराठी महाराष्ट्र एम्पोरियम' के शॉप नंबर A-30 पर भक्त ये गणेशमूर्तियां खरीद सकेंगे।

पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव के लिए शाडू मिट्टी से बनी मूर्तियों को इस बार खास तवज्जो मिली है। शाडू की मूर्ति विसर्जन के वक्त पानी में जल्दी घुल जाती है, जिससे जल प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है। मिली जानकारी के मुताबिक ये मूर्तियां करीब 15 से 20 मिनट में पानी में घुल जाती हैं।

इस बार मिट्टी, ट्रांसपोर्ट और रंगों के दाम बढ़ने की वजह से गणेशमूर्तियों के रेट में कुछ बढ़ोतरी हुई है। लेकिन पीओपी और शाडू की मूर्तियों की कीमतों में ज्यादा फर्क न होने से पर्यावरणपूरक मूर्ति खरीदने वाले भक्तों की जेब पर ज्यादा एक्स्ट्रा बोझ नहीं पड़ेगा।

एक तरफ दिल्ली में पेण की पारंपरिक गणेशमूर्ति कला को राष्ट्रीय स्तर का मंच मिला है, तो दूसरी तरफ मुंबई में शाडू की मूर्तियों की बिक्री के लिए अलग स्टॉल मिला है। इस वजह से इस बार का गणेशोत्सव पेण के मूर्तिकारों और महिला बचत समूहों के लिए आर्थिक रूप से और कला के प्रचार के लिहाज से भी अहम साबित हो सकता है।

गणेशमूर्ति खरीदने के इच्छुक भक्तों से 7767057056 इस नंबर पर संपर्क करने की अपील की गई है। सदियों से संजोकर रखी गई पेण की गणेशमूर्ति कला अब दिल्ली से लेकर मुंबई तक पहुंच गई है, जिससे गणेशोत्सव के मौके पर इस पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है।

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