पेमेंट फेल होने की झंझट खत्म, NPCI ने लॉन्च किया नया eNACHLite सिस्टम
NPCI ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में लॉन्च किया eNACHLite, अब EMI और SIP जैसे ऑटो-डेबिट पेमेंट ऐप के अंदर ही सेकंडों में हो जाएंगे पूरे
EMI भरना हो, म्युच्युअल फंड की SIP या फिर बिजली-पानी जैसे यूटिलिटी बिल का पेमेंट, अक्सर ऑटो-डेबिट फेल हो जाने की झंझट लोगों को झेलनी पड़ती थी। अब यह दिक्कत हमेशा के लिए खत्म होने वाली है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने मुंबई में हुए ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में अपना नया सिस्टम eNACHLite लॉन्च किया है।
इस नए सिस्टम से लोन के EMI, इंश्योरेंस के प्रीमियम और SIP जैसे ऑटो-डेबिट कमांड सेट करना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। पहले पेमेंट करते वक्त यूजर को ऐप से बाहर निकालकर ब्राउज़र पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता था, और वहीं ज्यादातर बार पेमेंट फेल हो जाता था। अब यह पूरा प्रोसेस ऐप के अंदर ही, चंद सेकंडों में पूरा हो जाएगा। इस टेक्नोलॉजी को हैदराबाद की कंपनी व्हिओना फिनटेक ने तैयार और टेस्ट किया है, जो NPCI से सर्टिफाइड टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर है। इसे इस तरह बनाया गया है कि बैंक और लोन देने वाली कंपनियां इस नई सुविधा से फटाफट जुड़ सकें।
पहले दिक्कत यह थी कि जब कोई ग्राहक EMI, इंश्योरेंस प्रीमियम या म्युच्युअल फंड के लिए ऑटो-डेबिट सेट करता था, तो ऐप उसे बाहर के वेब ब्राउज़र पेज पर भेज देता था। इसके बाद पेज के धीरे चलने, ऐप क्रैश होने या किसी टेक्निकल गड़बड़ी की वजह से यह प्रोसेस अधूरा रह जाता था। इससे ग्राहकों में काफी नाराजगी थी और बैंकों के कॉल सेंटर पर शिकायतों की भरमार लगी रहती थी।
अब NPCI ने बाहरी वेब पेज पर जाने की जरूरत ही खत्म कर दी है। सारे ट्रांजैक्शन अब एक ही ऐप के अंदर पूरे हो जाएंगे और यूजर को ऐप से बाहर निकलना ही नहीं पड़ेगा। मैंडेट सेट करना, उसमें बदलाव करना, उसे रोकना या कैंसिल करना, यह सब कुछ अब ऐप से ही आसानी से किया जा सकेगा। ऐप में ग्राहक को स्क्रीन पर सारी डिटेल दिखेगी, इसके बाद वह अपना कार्ड या आधार इस्तेमाल करके अपनी पहचान वेरिफाई करेगा। मोबाइल पर आया OTP डालते ही चंद सेकंडों में पूरा प्रोसेस पूरा हो जाएगा। खास बात यह है कि अगर किसी वजह से ट्रांजैक्शन फेल भी हुआ, तो सिस्टम खुद बताएगा कि दिक्कत कहां आई।
टेक्निकल दिक्कतें दूर होने से ज्यादा ग्राहक अपना पेमेंट प्रोसेस पूरा कर पाएंगे, जिससे कॉल सेंटर पर आने वाली शिकायतें काफी हद तक कम हो जाएंगी। पेमेंट फेल होने की सही वजह पता चलने से कस्टमर केयर वाले भी तुरंत मदद कर सकेंगे। इसके अलावा बैंकों को इसके लिए अलग से कोई नया ऐप बनाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि व्हिओना फिनटेक जैसी NPCI-सर्टिफाइड कंपनियां ही टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर और सिक्योरिटी का पूरा काम संभालेंगी। सबसे अहम बात यह है कि ग्राहकों के कार्ड और पहचान से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सीधे NPCI के सुरक्षित सिस्टम में ही स्टोर होगी, जिससे डेटा लीक होने का खतरा भी नहीं रहेगा।