पाकिस्तान में ईंधन संकट गहराया, सरकार रात 8 बजे बाद दुकानें बंद करने की तैयारी में
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और हुथी हमलों के बाद पाकिस्तान में इंधन संकट गहरा गया है, सरकार पूरे देश में सख्त पाबंदियों पर विचार कर रही है।
पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। इसका सबसे ज्यादा झटका फिलहाल पाकिस्तान को लगता दिख रहा है। सौदी अरब की तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुथी विद्रोहियों के हमलों के बाद पाकिस्तान का इंधन संकट और गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती तेल कीमतों की वजह से पाकिस्तान के पहले से कम विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव आ रहा है।
इस बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने और इंधन की खपत घटाने के मकसद से प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की सरकार पूरे देश में पेट्रोलियम स्मार्ट लॉकडाउन लागू करने पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इमरजेंसी प्लान के ड्राफ्ट पर चर्चा हुई। इस प्लान के तहत सरकार इंधन और बिजली की खपत तुरंत घटाने के लिए कई सख्त कदम उठाने पर विचार कर रही है।
इनमें सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के दफ्तरों के लिए तीन दिन की छुट्टी के साथ चार दिन का हफ्ता, रोटेशनल ड्यूटी और ऑनलाइन क्लासेस जैसे उपाय शामिल हैं। संकट इतना बढ़ गया है कि इसका असर पूरी दुनिया पर दिखने की आशंका जताई जा रही है।
प्लान के मुताबिक सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के दफ्तर, स्कूल और कॉलेज हफ्ते में सिर्फ चार दिन खोलने का प्रस्ताव है। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को छुट्टी घोषित की जा सकती है। स्कूल बंद रहने की सूरत में कॉलेज और यूनिवर्सिटी की पढ़ाई तुरंत ऑनलाइन शुरू की जा सकती है।
कॉरपोरेट और आईटी सेक्टर के कर्मचारियों को हफ्ते में कम से कम दो दिन घर से काम करने की इजाजत दी जाए और सरकारी कर्मचारियों के लिए रोटेशनल ड्यूटी का तरीका लागू किया जाए, ऐसा सुझाव दिया गया है। बिजली बचाने के लिए कमर्शियल बाजार और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश दिया जा सकता है। रेस्टोरेंट और शादी समारोह के हॉल रात 10 बजे तक बंद करना जरूरी होगा।
इस नियम से सिर्फ मेडिकल दुकानों जैसी जरूरी सेवाओं को छूट दी जाएगी। सरकारी विभागों और मंत्रियों के लिए इंधन आवंटन में 50 फीसदी तक कटौती की जा सकती है।
पाकिस्तान फिलहाल इंधन के गंभीर संकट का सामना कर रहा है। अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच होर्मुज की खाड़ी से होने वाली सप्लाई बाधित हुई है। पाकिस्तान अपनी 70 फीसदी पेट्रोलियम जरूरत मध्य-पूर्व देशों से आयात करता है। मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तान के पास फिलहाल सिर्फ 28 दिन का पेट्रोल और डीजल स्टॉक बचा होने का अंदाजा है। इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों की वजह से पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार और तेजी से घटने का खतरा है। नतीजतन, हालात काबू में लाने के लिए सरकार के पास सख्त पाबंदियां लगाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है।