ओडिशा का वो समुद्र किनारा जहां ओहोटी में 5 किलोमीटर पीछे हट जाता है पानी
चांदीपुर बीच पर ओहोटी के वक्त समुद्र इतना पीछे सरक जाता है कि लोग वहां पैदल चलने लगते हैं, कुछ घंटों बाद पानी फिर किनारे पर लौट आता है।
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समुद्र किनारे पर जाने की सबसे बड़ी वजह होती है वहां का पानी और लहरें देखना। लेकिन जरा सोचिए, आप समुद्र किनारे पहुंचें और वहां की लहरें अचानक गायब हो जाएं तो कैसा लगेगा? ओडिशा के चांदीपुर बीच पर ठीक ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है। इसी वजह से इसे 'हाइड एंड सीक बीच' के नाम से भी जाना जाता है। ओहोटी के वक्त यहां समुद्र किनारे से करीब 5 किलोमीटर पीछे सरक जाता है। जिस जगह कुछ देर पहले तक लहरें उठती दिख रही होती हैं, वहां थोड़ी देर बाद लोग पैदल चलते नजर आते हैं।
चांदीपुर में समुद्र इतना पीछे क्यों चला जाता है, इसकी सबसे बड़ी वजह यहां के समुद्र किनारे की बनावट है। यहां समुद्र का तल काफी दूर तक उथला और तुलनात्मक रूप से सपाट है। इसी वजह से भरती के वक्त सामान्य समुद्र किनारों के मुकाबले यहां समुद्र का पीछे हटना साफ नजर आता है। इसी खासियत की वजह से चांदीपुर का समुद्र कभी किनारे पर दिखता है तो कभी किनारे से काफी दूर रुका हुआ नजर आता है। यानी यहां पानी गायब नहीं होता, बल्कि ओहोटी के वक्त वह कुछ दूरी तक पीछे सरक जाता है, जिससे किनारे पर वह दिखना बंद हो जाता है।
चांदीपुर में समुद्र का इस तरह पीछे हटना कोई रहस्य या चमत्कार नहीं है, बल्कि इसके पीछे भरती-ओहोटी की प्राकृतिक प्रक्रिया का असर है। जब ओहोटी आती है, तब समुद्र का पानी धीरे-धीरे किनारे से पीछे सरकने लगता है। चांदीपुर की भौगोलिक बनावट की वजह से पानी काफी दूर तक पीछे हट जाता है। इसके बाद जब भरती आती है, तो पानी फिर से किनारे के करीब आ जाता है। भरती-ओहोटी का यह बदलाव दिन में दो बार समुद्र किनारे पर देखने को मिलता है। यानी अगर आप इन दोनों वक्त के बीच चांदीपुर बीच पर जाएं, तो आपको भी प्रकृति का यह अनोखा नजारा देखने को मिल सकता है।
जब चांदीपुर में समुद्र पीछे सरकता है, तब समुद्र किनारे की पूरी सूरत बदल जाती है। पानी की लहरों की जगह सिर्फ गीली मिट्टी नजर आती है। समुद्र के नीचे का वह हिस्सा इस वक्त साफ दिखने लगता है, जो ज्यादातर समय समुद्र के नीचे छिपा रहता है। इस दौरान पर्यटक यहां घंटों पैदल चलते हैं और इन पलों का लुत्फ उठाते हैं। भरती-ओहोटी की वजह से रेत पर बनने वाले अलग-अलग निशान देखना भी इस वक्त काफी दिलचस्प होता है। यहां समुद्र का पानी सिर्फ कुछ वक्त के लिए ही पीछे हटता है, फिर थोड़ी देर बाद यह पानी दोबारा समुद्र किनारे पर जमा हो जाता है। किनारे पर इस वक्त ठीक कौन-कौन से बदलाव होते हैं, यह देखने के लिए चांदीपुर जाना पड़ेगा।