गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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01:41 IST

नाशिक में तांत्रिक ने पैसों की बारिश का झांसा देकर परिवार से साढ़े दस लाख ठगे

पूजा-पाठ और मंत्र-तंत्र के नाम पर 15 करोड़ रुपये गिराने का वादा, नकली नोटों की गठरी थमाई

नाशिक में तांत्रिक ने पैसों की बारिश का झांसा देकर परिवार से साढ़े दस लाख ठगे
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नाशिक जिले के कळवण तालुका में अभोणा पुलिस स्टेशन के इलाके में एक तांत्रिक की ठगी का मामला सामने आया है। पिंपळे खुर्द गांव के इस भोंदूबाबा ने मुंबई के कुछ परिवारों को मंत्र-तंत्र और पूजा-विधि करके पैसों की बारिश कराने का लालच दिखाया। ठगी का एहसास होते ही पीड़ितों ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया, जिसके बाद बुधवार रात अभोणा पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हुआ। पुलिस ने भोंदूबाबा और उसके छह साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम हिराचंद शिवाजी बर्डे बताया गया है।

पूरा मामला यह है कि मुंबई के बोरिवली उपनगर में रहने वाले राजाराम सिताराम शेलार को उनके कुछ दोस्तों ने आरोपी हिराचंद बर्डे से मिलवाया था। बर्डे ने दावा किया कि वह मंत्र-तंत्र और पूजा-विधि करके नोटों की बारिश करा सकता है। इसके लिए पहले कुछ रकम देनी होगी, ऐसा उसने बताया। शुरुआत में राजाराम शेलार और उनके चार अन्य दोस्तों ने एक-एक हजार रुपये दिए। बर्डे ने मंत्र-तंत्र करके यह दिखाया कि उसने 1000 रुपये के 2 लाख रुपये बना दिए हैं। यह चमत्कार देखकर सभी को उस पर यकीन हो गया। इसके बाद बाबा ने कहा कि अगर पांच लोग 11 लाख रुपये दें तो वह मंत्र-तंत्र और पूजा-विधि करके उन्हें 15 करोड़ रुपये की बारिश करा देगा। इस तरह भोंदूबाबा ने संबंधित लोगों से समय-समय पर नकद और ऑनलाइन तरीके से 10 लाख 55 हजार रुपये वसूल लिए।

पूजा के दौरान भोंदूबाबा ने पीड़ितों के हाथ में चावल, अगरबत्ती और नारियल दिया और मंत्र पढ़ना शुरू किया। इसके बाद अचानक नारियल में धमाका दिखाकर उसने चमत्कार होने का नाटक किया और बताया कि 3 करोड़ रुपये की बारिश हो चुकी है। नोटों से भरी एक बोरी उनके हाथ में थमाई गई। बाबा ने कहा कि यह बोरी घर ले जाकर 7 दिन तक उसकी पूजा करनी होगी और इससे पहले बोरी खोली नहीं जानी चाहिए, वरना कोप हो सकता है, ऐसी धमकी उसने दी। इसी दौरान पीड़ितों की चाची का निधन हो गया, जिस वजह से वे बोरी की पूजा नहीं कर पाए। इसका फायदा उठाकर बर्डे ने कहा कि अब बोरी में रखी रकम अशुद्ध हो गई है, इसे शुद्ध करने के लिए फिर से पूजा करानी होगी और उसके लिए और पैसे देने होंगे। पीड़ितों ने फिर कुछ लाख रुपये दे दिए। लेकिन कुछ दिनों बाद शक होने पर जब उन्होंने बोरी खोलकर देखी तो पता चला कि नोटों के बंडल में सिर्फ ऊपर की नोट असली थी, बाकी सब बच्चों के खिलौनों वाले नकली नोट थे।

इस पर पीड़ितों ने भोंदूबाबा से जवाब मांगा। तब उसने कहा कि कपड़े उतारकर अमावस्या की रात श्मशान में पूजा करनी होगी। पीड़ितों ने ऐसी पूजा करने से इनकार कर दिया और अपनी रकम वापस मांगी। इस पर बर्डे ने उन्हें गायब कर देने और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ितों ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया। अंनिस के राज्य प्रधान सचिव डॉ. टी. आर. गोराणे और राज्य सदस्य कृष्णा चांदगुडे की मदद से मामला अभोणा पुलिस स्टेशन पहुंचा। प्रभारी पुलिस निरीक्षक योगिता कोकाटे ने हिराचंद बर्डे के खिलाफ जादूटोणा विरोधी कानून और भारतीय न्याय संहिता की अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तारी की है। पुलिस ने अपील की है कि अगर इस भोंदूबाबा ने किसी और को भी इसी तरह ठगा हो तो वे अभोणा पुलिस या अंनिस कार्यकर्ताओं से संपर्क करें।

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