नागपुर यूनिवर्सिटी में भर्ती के लिए कुलपति ने मंत्री पाटिल से की मुलाकात
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में खाली पड़े शिक्षक और शिक्षकेतर पदों को भरने की राह जल्द खुलने की उम्मीद है।
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नागपुर के राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज विश्वविद्यालय में लंबे वक्त से खाली पड़े शिक्षक और शिक्षकेतर पदों की भर्ती जल्द शुरू हो सकती है। शनिवार को उपकुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर रवि भवन पहुंचीं और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल से सदिच्छा भेंट की। इस मुलाकात में उन्होंने रिक्त पदों की भर्ती को लेकर विस्तार से बातचीत की।
डॉ. क्षीरसागर ने प्रशासन से इन खाली पदों की भर्ती को जल्द मंजूरी देने की मांग रखी। दरअसल मामला यह है कि पहले शासन ने नागपुर विश्वविद्यालय और लक्ष्मीनारायण तकनीकी संस्था, दोनों के लिए मिलाकर संयुक्त रूप से पद मंजूर किए थे। बाद में लक्ष्मीनारायण अभिनव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अलग होकर खुद एक स्वतंत्र विश्वविद्यालय बन गया।
इसी वजह से अब नागपुर विश्वविद्यालय के लिए शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के पदों की संख्या नए सिरे से तय करनी पड़ी है, और इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन के पास भेजा जा चुका है। डॉ. क्षीरसागर ने मंत्री पाटिल के सामने यही मुद्दा उठाया और मांग की कि इस संशोधित और स्वतंत्र प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दी जाए। उनका कहना था कि जैसे ही दोनों विश्वविद्यालयों के बीच स्वीकृत पदों के बंटवारे का पेंच सुलझेगा, विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता खुद-ब-खुद साफ हो जाएगा।
शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने भरोसा जताया कि नागपुर विश्वविद्यालय और लक्ष्मीनारायण अभिनंद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीच पदों के बंटवारे का यह मसला जल्द सुलझ जाएगा, जिससे रिक्त पदों को भरने में कोई अड़चन नहीं रहेगी। इस मुलाकात के दौरान डॉ. क्षीरसागर ने विश्वविद्यालय में चल रहे विभिन्न शैक्षणिक उपक्रमों और गतिविधियों की जानकारी भी मंत्री को दी।
यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि विश्वविद्यालय में शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के पद लंबे समय से खाली पड़े होने के चलते पढ़ाई और दफ्तर के कामकाज, दोनों पर असर पड़ रहा है। इस मौके पर प्र-उपकुलपति डॉ. अखिलेश पेशवे और कुलसचिव डॉ. विजय खंडाल भी मौजूद थे।