नागपुर में सांप निकलने का ड्रामा रचकर दंपति ने बुजुर्ग महिला के परिवार से 2.55 लाख के गहने ठगे
खापरखेड़ा पुलिस ने अंधविश्वास का सहारा लेकर ठगी करने वाले सूरज ऐदानी और उसकी पत्नी शीला ऐदानी को गिरफ्तार किया, दोनों को 13 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया।
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नागपुर के खापरखेड़ा इलाके में अंधविश्वास के नाम पर एक चौंकाने वाली ठगी सामने आई है, जिसमें एक दंपति ने खुद को इलाज करने वाला बताकर एक बुजुर्ग महिला के परिवार से लाखों के गहने उड़ा लिए। पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
रोहागा में रहने वाले हीरा बड़े की 80 साल की मां लकवे से पीड़ित थीं। परिवार वाले उन्हें अलग-अलग जगह इलाज के लिए ले जा रहे थे, लेकिन तबीयत में कोई खास सुधार नहीं आ रहा था। इसी दौरान परिवार की मुलाकात इन आरोपियों से हुई, जिन्होंने इलाज कराने के बहाने धीरे-धीरे परिवार का भरोसा जीत लिया।
पुलिस के मुताबिक 9 सितंबर को दंपति ने इस भरोसे का फायदा उठाते हुए परिवार को अंधविश्वास के जाल में फंसाने की पूरी योजना बना ली। उन्होंने परिवार को बताया कि उनके घर में नागदेवता का वास है और घर की जमीन के नीचे सोने से भरे तीन मटके दबे हुए हैं। आरोपियों ने यह भी दावा किया कि अगर विधिवत खास पूजा की जाए, तो ये तीनों मटके जमीन से बाहर निकल सकते हैं।
इस पूजा के नाम पर आरोपियों ने परिवार से कहा कि घर में जो भी सोने के गहने हैं, उन्हें पूजा के दौरान पास रखना जरूरी है। परिवार पूरी तरह भरोसा कर चुका था, इसलिए उन्होंने करीब 2.55 लाख रुपये कीमत के सोने के गहने आरोपियों के हवाले कर दिए।
लेकिन गहने हाथ लगते ही दंपति का असली इरादा सामने आ गया, वे मौके से निकल भागने की कोशिश करने लगे। परिवार को शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद खापरखेड़ा पुलिस हरकत में आई और दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज रमेश ऐदानी और उसकी पत्नी शीला ऐदानी के रूप में हुई है। दोनों श्रीकृष्ण धाम, कोराडी के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 13 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस दंपति ने पहले भी इसी तरह अंधविश्वास का सहारा लेकर किसी और परिवार को अपना शिकार बनाया था। मामले की जांच अभी जारी है।