गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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01:20 IST

नागपुर में गणेश मंडल कार्यकर्ताओं का पुलिस पर मारपीट और पैसे छीनने का आरोप

मातोश्री नगर इलाके में गणेशोत्सव मंडल में देर रात काम कर रहे पांच युवकों को जुगार खेलने के शक में पुलिस ने बुरी तरह पीटा और पैसे व मोबाइल छीन लिए, पीड़ितों का आरोप है।

नागपुर में गणेश मंडल कार्यकर्ताओं का पुलिस पर मारपीट और पैसे छीनने का आरोप
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर के मातोश्री नगर इलाके में एक सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल में रात को देखावा बनाने का काम कर रहे युवकों के साथ पुलिस की ज्यादती का गंभीर मामला सामने आया है। राज्य में गणेशोत्सव की धूम है और हजारों मंडलों में लाखों युवा दिन रात मेहनत कर रहे हैं, इसी बीच नागपुर के इस मंडल के कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

घटना 8 सितंबर की है। श्रीगणेश मित्र उत्सव मंडल के पांच कार्यकर्ता रात को खाना खाने के बाद सवा ग्यारह बजे तक मंडल में देखावा तैयार करने का काम कर रहे थे। काम खत्म करने के बाद जब पांचों युवक इलाके में टहल रहे थे, तभी तीन पुलिसवाले बाइक पर वहां पहुंचे। पुलिस ने पूछा कि इतनी रात को कहां घूम रहे हो। पीड़ितों के मुताबिक, युवक कुछ जवाब देते उससे पहले ही पुलिस ने आरोप लगाया कि वे जुगार खेलकर लौट रहे हैं और सड़क पर ही पांचों को पीटना शुरू कर दिया। पीड़ित युवक का आरोप है कि पुलिस ने उसकी जेब से 8 हजार 600 रुपये भी निकाल लिए। इसके बाद तीनों पुलिसवाले पांचों युवकों को उनकी बाइक पर बिठाकर एमआईडीसी पुलिस स्टेशन ले गए।

पीड़ित युवकों का आरोप है कि पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद उन्हें फिर से बुरी तरह पीटा गया और शर्त रखी गई कि या तो जुगार खेलने का जुर्म कबूल करो, वरना पचास हजार रुपये का इंतजाम करके छूट जाओ। रात बारह बजे से लेकर सुबह साढ़े तीन बजे तक उनकी पिटाई होती रही। आखिरकार एक दोस्त से पांच हजार रुपये और मंगवाकर पुलिस को दिए, तब जाकर सुबह साढ़े तीन बजे पांचों युवकों को छोड़ा गया।

लेकिन 9 सितंबर की सुबह छोड़ने के बाद भी पुलिस ने पीड़ित युवकों के मोबाइल फोन और पर्स अपने पास ही रख लिए। पीड़ितों का आरोप है कि जब वे अगले दिन अपना मोबाइल और पर्स लेने पुलिस स्टेशन गए, तो मारपीट करने वाले पुलिसवालों ने उन्हें भगा दिया और फिर से पैसों की मांग की। अंत में पांचों पीड़ित युवकों ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के तीन पुलिसकर्मियों का यह कारनामा वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दखल के बाद पीड़ित युवकों को उनके मोबाइल फोन, घटनास्थल से छीने गए 8 हजार 600 रुपये और पर्स वापस मिल गए। हालांकि आरोपी पुलिसकर्मियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

पीड़ित युवकों का कहना है कि अपने ही इलाके में गणेशोत्सव मंडल में रात को देर तक काम करना कोई गुनाह नहीं है और नौकरी-मेहनत करने वाले युवकों पर बिना वजह जुगार खेलने का आरोप लगाकर पुलिस स्टेशन ले जाकर मारना गलत है। इस मामले में एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक गोकुल महाजन ने बताया कि युवकों के खिलाफ जुगार खेलने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन आरोपी पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई हुई, इस सवाल का जवाब उन्होंने नहीं दिया। उनका कहना था कि मामला अब सुलझ चुका है और यह ज्यादा बड़ा मामला नहीं है।

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