नागपुर की सोलर इंडस्ट्रीज साउथ अफ्रीका की ओम्निया होल्डिंग्स को 12,951 करोड़ में खरीदेगी
नागपुर की सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया ने साउथ अफ्रीका की केमिकल कंपनी ओम्निया होल्डिंग्स को पूरी तरह खरीदने की डील पर साइन किए हैं, यह कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी इंटरनेशनल डील है।
नागपुर की सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया ने साउथ अफ्रीका के केमिकल ग्रुप ओम्निया होल्डिंग्स की 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए फाइनल एग्रीमेंट कर लिया है। यह पूरा सौदा कैश में होगा और इसकी कीमत करीब 12,951 करोड़ रुपये यानी 1.355 अरब डॉलर आंकी गई है।
कंपनी के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी इंटरनेशनल डील मानी जा रही है। इससे सोलर इंडस्ट्रीज को कमर्शियल एक्सप्लोसिव्स, ब्लास्टिंग सॉल्यूशंस और माइनिंग-क्वारींग इंडस्ट्री के लिए बनने वाले स्पेशलाइज्ड केमिकल्स के ग्लोबल बिजनेस में मजबूती मिलेगी।
डील के तहत सोलर इंडस्ट्रीज ओम्निया के हर शेयर के लिए 134.5 ZAR देगी। यह रकम ओम्निया के पिछले 30 दिन के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज शेयर प्राइस से करीब 35 फीसदी ज्यादा है।
इस डील में सबसे अहम फोकस ओम्निया के माइनिंग बिजनेस बीएमई पर रहने वाला है, जो एडवांस्ड ब्लास्टिंग सिस्टम्स और माइनिंग-क्वारींग सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स में स्पेशलाइज्ड है। इस अधिग्रहण से सोलर इंडस्ट्रीज को 23 देशों में फैले 70 से ज्यादा डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर्स वाले इंटरनेशनल डिस्ट्रिब्यूशन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तक पहुंच मिल जाएगी।
यह डील सोलर इंडस्ट्रीज के लिए एक बड़ा कैपिटल कमिटमेंट है, लेकिन ओम्निया की मौजूदा फाइनेंशियल पोजीशन और कैश जनरेट करने वाला ऑपरेशन इस डील के पीछे बड़ी वजह बताई जा रही है। ओम्निया ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में करीब 1.41 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया था। कंपनी के पहले से जमे हुए इंटरनेशनल ऑपरेशंस और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क से सोलर इंडस्ट्रीज को ग्लोबल ग्रोथ के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म मिलने की उम्मीद है।
यह डील कई देशों में रेगुलेटरी, स्टैट्यूटरी और कॉम्पिटिशन अप्रूवल्स पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर इन अप्रूवल्स पर रहेगी क्योंकि इसी से डील पूरी होने की टाइमलाइन तय होगी। 23 देशों में फैले ऑपरेशंस को मिलाना भी आसान नहीं होगा। सोलर इंडस्ट्रीज को ओम्निया के वर्कफोर्स, टेक्नोलॉजी, ऑपरेशंस और डिस्ट्रिब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर को अलग-अलग इंटरनेशनल मार्केट्स के फर्क के साथ मैनेज करते हुए मिलाना होगा। इसके अलावा फॉरेन एक्सचेंज में उतार-चढ़ाव भी एक फैक्टर रहेगा, क्योंकि अब सोलर इंडस्ट्रीज की कई करेंसीज में एक्सपोजर बढ़ जाएगी।
कंपनी को उम्मीद है कि यह डील 2027 की शुरुआत से मध्य तक पूरी हो जाएगी, बशर्ते जरूरी अप्रूवल्स मिल जाएं और बाकी शर्तें पूरी हों। डील पूरी होने के बाद ओम्निया को जोहानिसबर्ग स्टॉक एक्सचेंज और A2X मार्केट्स से डीलिस्ट कर दिया जाएगा।
निवेशकों के लिए अगला अहम अपडेट रेगुलेटरी अप्रूवल्स और एक्सचेंज फाइलिंग्स होंगी, उसके बाद सोलर इंडस्ट्रीज की ओम्निया के ऑपरेशंस और 3,500 से ज्यादा कर्मचारियों को अपने ग्लोबल बिजनेस में जोड़ने की प्लानिंग सामने आएगी। अगर यह डील पूरी हो जाती है, तो यह नागपुर की एक्सप्लोसिव्स बनाने वाली कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज के कमर्शियल एक्सप्लोसिव्स और माइनिंग-सॉल्यूशंस इंडस्ट्री में एक बड़ी इंटरनेशनल प्लेयर बनने की तरफ अहम कदम होगा।