गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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01:04 IST

नागपुर का निर्यात कारोबार तेज, पहली तिमाही में 7,565 करोड़ का माल गया बाहर

दवाइयों से लेकर विमान के पुर्जों तक, नागपुर से हुआ रिकॉर्ड निर्यात, अमेरिका बना सबसे बड़ा खरीदार

नागपुर का निर्यात कारोबार तेज, पहली तिमाही में 7,565 करोड़ का माल गया बाहर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर अब सिर्फ संतरे और खेती के माल के लिए नहीं जाना जाता। शहर ने फार्मास्युटिकल, विमान के यंत्र और पुर्जे, ऑटोमोबाइल, रसायन, इलेक्ट्रिकल उपकरण और प्लास्टिक के सामान के निर्यात में भी अपनी अलग पहचान बना ली है।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के आंकड़े बताते हैं कि नागपुर का कारोबार अब दुनिया भर में फैल रहा है। इस दौरान जिले से कुल 7,565.83 करोड़ रुपये का माल बाहर भेजा गया। इसमें सबसे बड़ा खरीदार अमेरिका रहा, खासकर दवाइयों के मामले में तो अमेरिका का दबदबा एकदम साफ दिखता है।

पहली तिमाही में नागपुर से 3,325.39 करोड़ रुपये की फार्मा प्रोडक्ट्स भेजी गईं। इसमें अकेले अमेरिका को 2,966 करोड़ रुपये का माल गया, यानी दवाइयों के कुल निर्यात का करीब 89 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ अमेरिका के खाते में गया।

अमेरिका की भूमिका सिर्फ दवाइयों तक सीमित नहीं रही। एयरक्राफ्ट, स्पेसक्राफ्ट और उनके पुर्जों में अमेरिका को 45 करोड़ रुपये का माल भेजा गया। रोड व्हीकल्स और उनके पार्ट्स में 37 करोड़, न्यूक्लियर रिएक्टर्स, बॉयलर्स, मशीनरी और मैकेनिकल एप्लायंस में 18 करोड़ और प्लास्टिक के सामान में 14 करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज हुआ। इन सारे आंकड़ों को जोड़ें तो सिर्फ इन प्रमुख कैटेगरी में ही अमेरिका को 3,080 करोड़ रुपये से ज्यादा का माल गया, जो जिले के कुल 7,565.83 करोड़ रुपये के निर्यात का करीब 41 प्रतिशत बैठता है।

नागपुर के टॉप-10 निर्यात प्रोडक्ट्स में फार्मा सबसे ऊपर है। 3,325.39 करोड़ रुपये का यह आंकड़ा दूसरे नंबर पर रहे एक्सप्लोसिव्स, माचिस और कुछ कम्बस्टिबल प्रिपरेशन के 951.11 करोड़ रुपये से कई गुना ज्यादा है। इसके बाद सीरियल्स का निर्यात 681.47 करोड़ रुपये, आयरन और स्टील प्रोडक्ट्स 304.29 करोड़, एयरक्राफ्ट-स्पेसक्राफ्ट और पार्ट्स 247.70 करोड़ और रोड व्हीकल्स व पार्ट्स 240.31 करोड़ रुपये रहे।

नागपुर का निर्यात सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है। फार्मा प्रोडक्ट्स में पोलैंड को 74 करोड़ और तंजानिया को 49 करोड़ रुपये का माल गया। एक्सप्लोसिव्स और इससे जुड़े प्रोडक्ट्स में स्पेन 170 करोड़, दक्षिण अफ्रीका 159 करोड़ और स्लोवेनिया 104 करोड़ रुपये के साथ बड़े खरीदार रहे। सीरियल्स में बेनिन 163 करोड़, टोगो 79 करोड़ और रूस 47 करोड़ रुपये के साथ आगे रहे। आयरन और स्टील प्रोडक्ट्स में सऊदी अरब 54 करोड़, फिलीपींस 52 करोड़ और अमेरिका 34 करोड़ रुपये के साथ बड़े बाजार बने।

आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि नागपुर की निर्यात इकोनॉमी अब धीरे-धीरे और डायवर्स होती जा रही है। फार्मा के अलावा ऑर्गेनिक केमिकल्स 167.89 करोड़, न्यूक्लियर रिएक्टर्स और मशीनरी 164.60 करोड़, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और उपकरण 161.71 करोड़ और प्लास्टिक्स 156.67 करोड़ रुपये के साथ टॉप-10 में शामिल हैं।

यानी नागपुर के निर्यात की एक नई तस्वीर सामने आ रही है। दवाओं से लेकर मशीनरी और विमान के पुर्जों तक, ऑरेंज सिटी का माल अब दुनिया के कई बाजारों तक पहुंच रहा है, और इसमें अमेरिका का रोल सबसे अहम दिख रहा है।

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