माविम केंद्रों की कालीन निर्माण पहल से महिलाओं को मिलेगा स्थायी रोजगार, जिलाधिकारी का दौरा
चंद्रपुर जिलाधिकारी वसुमना पंत ने मूल और सावली स्थित कार्पेट निर्माण केंद्रों का निरीक्षण किया
चंद्रपुर में महिला आर्थिक विकास महामंडल यानी माविम के जरिए महिलाओं को स्थायी रोजगार देने के मकसद से मूल और सावली में कार्पेट निर्माण केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारी वसुमना पंत ने 16 तारीख को इन दोनों केंद्रों पर जाकर काम-काज का जायजा लिया।
पंत ने सबसे पहले मूल एमआयडीसी में बने कार्पेट निर्माण केंद्र का दौरा किया। यहां कालीन बुनने वाली महिलाओं से उन्होंने सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने निर्माण प्रक्रिया कैसे चलती है, उत्पादन क्षमता कितनी है, माल की बिक्री किस तरह होती है और महिलाओं को इससे कितना रोजगार मिल रहा है, इसकी पूरी जानकारी ली। मैत्रीण लोकसंचालित साधन केंद्र की अध्यक्ष छाया शेंडे ने जिलाधिकारी का स्वागत करते हुए केंद्र के काम-काज की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी पंत ने कहा कि अभी हाथ से कालीन बनाई जाती है, अगर इसमें आधुनिक और अत्याधुनिक उपकरण जोड़ दिए जाएं तो उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन खर्च को काबू में रखते हुए आकर्षक और अच्छी क्वालिटी की कालीन बनाई जाए तो ताडोबा जैसे पर्यटन स्थलों पर इसका अच्छा बाजार मिल सकता है। पंत ने सुझाव दिया कि कालीन के साथ-साथ आकर्षक कार्पेट फ्रेम्स बनाने पर भी ध्यान दिया जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने सावली में नए बने कार्पेट निर्माण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का निर्माण काम बेहतरीन हुआ है और आगे चलकर इसे कालीन निर्माण और प्रशिक्षण के 'सेंटर ऑफ एक्सलन्स' के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई जाए। उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि यहां महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा प्रशिक्षण देकर उनका कौशल बढ़ाया जाए, जिससे उन्हें रोजगार और आमदनी के स्थायी मौके मिल सकें।
इस मौके पर बताया गया कि माविम के जरिए महिला बचत समूहों और लोकसंचालित साधन केंद्रों से जुड़ी महिलाओं को अगर कालीन निर्माण का हुनर, आधुनिक टेक्नोलॉजी और सही तरीके से मार्केटिंग की जोड़ मिल जाए, तो ग्रामीण महिलाओं के लिए यह रोजगार का मजबूत जरिया बन सकता है। स्थानीय उत्पादों को पर्यटन बाजार से जोड़ने पर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी और बल मिलेगा।
इस दौरे में मूल के उपविभागीय अधिकारी नितीन जाधव, माविम के जिला समन्वय अधिकारी प्रदीप काठोळे, सार्वजनिक बांधकाम विभाग नागभीड की उपअभियंता शीतल दामले, मैत्रीण लोकसंचालित साधन केंद्र की अध्यक्ष छाया शेंडे के साथ संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और कालीन बनाने वाली महिलाएं मौजूद थीं।