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01:19 IST

महाराष्ट्र में कल से बारिश की रफ्तार होगी कम, आज कोकण-विदर्भ में येलो अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक आज कुछ जिलों में तेज बारिश की संभावना है, लेकिन 15 सितंबर से राज्य में बारिश का जोर घटने लगेगा।

महाराष्ट्र में कल से बारिश की रफ्तार होगी कम, आज कोकण-विदर्भ में येलो अलर्ट
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

महाराष्ट्र में पिछले दो दिन में कुछ इलाकों में हल्की से लेकर तेज बारिश हुई है, मगर यह बारिश पूरे राज्य में एक जैसी नहीं रही। इस वजह से कई जिलों में लोग अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। आज कोकण और विदर्भ के कुछ जिलों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि कल यानी 15 सितंबर 2026 से राज्य में बारिश की रफ्तार फिर से कम होने लगेगी।

आज यानी 14 सितंबर को पालघर, ठाणे, नंदुरबार और नाशिक के घाटमाथा इलाके में कुछ जगहों पर तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा विदर्भ के अकोला, अमरावती, बुलढाणा और नागपुर जिलों में बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए यहां भी येलो अलर्ट दिया गया है। वहीं पुणे, अहिल्यानगर, बीड, परभणी और नांदेड जिलों में ज्यादातर बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग की चार दिन की आगे की भविष्यवाणी के मुताबिक, मंगलवार यानी 15 सितंबर से राज्य में बारिश की तीव्रता कम होनी शुरू हो जाएगी। इस दिन बादल छाए रहेंगे और जालना, बीड और सोलापुर जिलों में सिर्फ कुछ जगहों पर ही हल्की बारिश हो सकती है।

इसके बाद बुधवार 16 सितंबर को सातारा और सांगली जिलों में कुछ जगहों पर बादल छाए रहने के साथ बारिश का अनुमान है। गुरुवार 17 सितंबर को अहिल्यानगर, पुणे, सातारा और सांगली जिलों में कुछ जगहों पर सिर्फ बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश ही देखने को मिल सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक फिलहाल मानसून की धुरी पूर्व-मध्य अरब सागर से गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए सीधे झारखंड तक फैली हुई है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाके में ऊंचाई पर चक्रवाती हवाओं की स्थिति बनी हुई है, जो उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाके के पास 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है।

इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, उससे लगे गुजरात और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर बने कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ी चक्रवाती हवाओं की स्थिति से लेकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर मौजूद कम दबाव का क्षेत्र अब कुछ कमजोर पड़ गया है। यही वजह है कि आने वाले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश का जोर कम ही रहेगा।

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