कन्हान में 9 किलो गांजा जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार, कीमत 12 लाख रुपए से ज्यादा
नागपुर ग्रामीण पुलिस की एनडीपीएस टीम ने कन्हान इलाके में गांजा तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को पकड़ा, एसयूवी और मोबाइल भी जब्त।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर ग्रामीण पुलिस की नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेस यानी एनडीपीएस टीम ने कन्हान इलाके में गांजा की तस्करी और सप्लाई करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से करीब 9 किलो गांजा, एक एसयूवी गाड़ी, तीन मोबाइल फोन और नकदी जब्त की, जिसकी कुल कीमत करीब 12.12 लाख रुपए आंकी गई है।
पुलिस के मुताबिक एनडीपीएस टीम को पक्की खबर मिली थी कि ओडिशा से गांजा लेकर एक शख्स कन्हान इलाके में सप्लाई करने आने वाला है। इस सूचना पर पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध हरकतों पर नजर रखनी शुरू कर दी।
इसी टिप के आधार पर टीम ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर तलाशी ली। तलाशी में पुलिस को करीब 9 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 1.80 लाख रुपए बताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज राजेंद्र चव्हाण (30, निवासी दिघोडा, उत्तर प्रदेश), हिमांशु नंदलाल शर्मा (26, निवासी दिघोडा, उत्तर प्रदेश) और शुभम कपिलदेव शाही (32, निवासी कन्हान) के तौर पर हुई है।
गांजे के अलावा पुलिस ने यूपी 57 बीपी 7610 नंबर की एक एक्सयूवी-300 गाड़ी भी जब्त की, जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपए है। साथ ही करीब 30 हजार रुपए के तीन मोबाइल फोन और 2,500 रुपए नकद भी बरामद हुए। जब्त की गई पूरी संपत्ति की कीमत 12,12,500 रुपए आंकी गई है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गांजा ओडिशा से लाकर कन्हान में आगे बांटने के लिए पहुंचाया गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गांजा कहां से आया और किन लोगों को इसे सप्लाई किया जाना था।
यह पूरी कार्रवाई नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल मस्के और कन्हान के डिप्टी एसपी के मार्गदर्शन में की गई। एनडीपीएस टीम में एपीआई अजीत सिंह देवर, पीएसआई प्रवीण भिमाटे, प्रवीण देवहरे, अमृत किंगे, प्रकाश ढोके, नापोक अमोल नागरे, पुलिस कर्मी अनिल और ड्राइवर अविनाश तुमडाम शामिल थे।
इस ऑपरेशन में लोकल क्राइम ब्रांच और कन्हान पुलिस स्टेशन की टीमों ने भी मदद की। कन्हान पुलिस स्टेशन से पीएसआई गुप्ता और पुलिस कर्मी प्रणीत दहिवले भी इस कार्रवाई में शामिल रहे।
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस गांजे की तस्करी और सप्लाई से जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।