कैंसर रुग्णों ने खुद काटा फीता, सुझाव पेटी शुरू, मुनगंटीवार की पहल
चंद्रपूर के पंडित दीनदयाल कैंसर हॉस्पिटल में मरीजों की आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के लिए सुझाव पेटी लगाई गई, उद्घाटन दो कैंसर मरीजों के हाथों हुआ।
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चंद्रपूर के पंडित दीनदयाल कैंसर हॉस्पिटल में इलाज कराने आने वाले मरीजों की बात अब सीधे प्रशासन तक पहुंचेगी। इसके लिए हॉस्पिटल में नई सुझाव पेटी शुरू की गई है। इस सुविधा का उद्घाटन जिवती तालुका के लांबबोरी गांव की रुक्मिणीबाई आकृपी और शंकर आकृपी नाम के दो कैंसर मरीजों के हाथों फीता काटकर किया गया। यह पहल विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने की है, ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को इलाज के साथ-साथ भरोसा भी मिल सके।
मुनगंटीवार ने बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में सिर्फ मरीज नहीं, बल्कि पूरा परिवार चिंता और तकलीफ लेकर हॉस्पिटल आता है। ऐसे में मरीज को अच्छे इलाज के साथ अपनापन और सहारे का माहौल मिले, उसकी दिक्कतें और उम्मीदें समझी जाएं, और हॉस्पिटल की सेवा में लगातार सुधार होता रहे, इसी सोच से यह सुझाव पेटी शुरू की गई है। दोनों कैंसर मरीजों के हाथों ही इसका उद्घाटन कराना उन्हें संतोष देने वाली बात रही, ऐसा उन्होंने कहा।
मुनगंटीवार के मुताबिक इस पेटी के जरिए मरीज और उनके परिजन हॉस्पिटल की सेवा, सुविधाओं, दिक्कतों और जरूरी सुधार को लेकर सीधे अपनी बात रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें सिर्फ शिकायतें ही न डाली जाएं, बल्कि हॉस्पिटल को और बेहतर कैसे बनाया जाए, मरीजों को कौन-कौन सी सुविधाएं और मिल सकती हैं, इलाज का तरीका और आसान कैसे हो, इससे जुड़े सुझाव भी दिए जाएं। मरीजों के अनुभव से मिलने वाला फीडबैक हॉस्पिटल की आगे की राह के लिए अहम मार्गदर्शक साबित होगा।
मुनगंटीवार ने यह भी बताया कि चंद्रपूर जिले के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए मुंबई जैसे दूर के शहरों तक न जाना पड़े, इसी मकसद से उन्होंने चंद्रपूर में अत्याधुनिक कैंसर हॉस्पिटल बनाने के लिए सरकार से लगातार मांग की थी। 2014 में वित्त मंत्री बनने के बाद से उन्होंने इस मुद्दे को हमेशा प्राथमिकता दी। खनिज विकास निधि और टाटा ट्रस्ट की मदद से बने इस प्रोजेक्ट का काम पूरा हो चुका है, और यह हॉस्पिटल पूर्व विदर्भ के कैंसर मरीजों के लिए बड़ा सहारा बन रहा है। उनका कहना है कि यह हॉस्पिटल सिर्फ अत्याधुनिक सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि राज्य में मरीजों के अनुकूल कैंसर इलाज केंद्र के तौर पर पहचान बनाए।
मुनगंटीवार ने कहा कि हॉस्पिटल आने वाले कैंसर मरीज डर और चिंता लेकर आते हैं, लेकिन यहां के अत्याधुनिक इलाज, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा और अपनेपन के माहौल से वे इलाज के बाद चिंता मुक्त होकर, भरोसे और नई उम्मीद के साथ लौटें, ऐसा हॉस्पिटल का काम-काज होना चाहिए। हॉस्पिटल की असली पहचान सिर्फ मशीनों से नहीं, बल्कि मरीज को मिलने वाले अच्छे इलाज, भरोसेमंद सेवा और अपनेपन के माहौल से बनती है।
उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में एआई तकनीक के इस्तेमाल के भी प्रयास किए जाएंगे। जीवनदायी योजना के तहत ऑपरेशन के बाद मरीजों को मिलने वाली आर्थिक मदद बिना देरी तुरंत मिले, इसके लिए एआई तकनीक के इस्तेमाल पर स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा की जाएगी। लकवा और कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे मरीजों को सरकार की मदद समय पर मिलनी चाहिए, और स्वास्थ्य योजनाओं का फायदा ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा।
चंद्रपूर जिले के प्राइमरी हेल्थ सेंटर अपडेट किए गए हैं, और सरकारी मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल का लोकार्पण भी जल्द होने वाला है। इसके अलावा आयुष मंत्रालय के जरिए बल्लारपुर में भी हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। इसके लिए जगह मिलने पर एआई तकनीक से रोबोटिक सर्जरी सहित बेहतरीन इलाज सुविधाओं वाला आधुनिक हॉस्पिटल बनाने की कोशिश की जाएगी, ऐसा मुनगंटीवार ने कहा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर चल रहा यह हॉस्पिटल समाज के आखिरी पायदान पर खड़े वंचित, जरूरतमंद और आम नागरिकों को अच्छी और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवा देने वाला बेहतरीन केंद्र बने, यही उनकी भूमिका है। हॉस्पिटल आने वाले हर मरीज को इलाज के साथ सम्मान, सहारा और भरोसे का माहौल मिले, इसके लिए मरीजों के सुझावों को अहमियत देना जरूरी है। साथ ही, कैंसर हॉस्पिटल में स्टाफ के क्वार्टर बनाने के लिए जरूरी जगह का मुआयना भी किया गया। अफसरों-कर्मचारियों के रहने की जगह, धर्मशाला और नर्सों के लिए रहने की व्यवस्था हो, इसके लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश मुनगंटीवार ने संबंधित अधिकारियों को दिए।