जापानी लोग नहाने के लिए रात का वक्त क्यों चुनते हैं, वजहें आईं सामने
जापान में रहने वाली एक भारतीय महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए बताया कि वहां रात में नहाने का रिवाज क्यों है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
हर देश की अपनी एक खास संस्कृति और रहन-सहन का तरीका होता है, और जापान की बात करें तो वहां की टेक्नोलॉजी से लेकर लोगों के रोजमर्रा के तौर-तरीकों तक हर चीज हैरान कर देती है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प बहस चल रही है कि जापानी लोग सुबह नहाने की बजाय रात में नहाना क्यों पसंद करते हैं।
जापान में रहने वाली एक भारतीय महिला ने अपने व्लॉग के जरिए इस राज से पर्दा उठाया है। उसने 'ओफुरो' नाम से मशहूर इस अनोखी नहाने की परंपरा के पीछे चार बड़ी और दिलचस्प वजहें बताई हैं।
पहली वजह है वो चीज जिसे 'द बाउंड्री इफेक्ट' कहा जाता है। जापानी लाइफस्टाइल में रात को नहाना सिर्फ शरीर साफ करने का जरिया नहीं, बल्कि दिमाग को सुकून देने का तरीका भी है। जैसे ही गुनगुना पानी शरीर पर पड़ता है, दिनभर का तनाव, ऑफिस की थकान और दिमागी थकावट का दरवाजा अपने आप बंद हो जाता है। ये गुनगुना पानी दिमाग को संकेत देता है कि काम खत्म हो गया है और अब आराम करने का वक्त आ गया है। यही वजह है कि जापान में रात को नहाया जाता है।
दूसरी वजह है सफाई को लेकर जापानी लोगों का खास जुनून। वो 'नो आउटसाइड डर्ट' यानी बाहर की गंदगी घर में न लाने की पॉलिसी पर चलते हैं। जापानी लोग दिनभर की धूल, गंदगी, प्रदूषण और पसीना लेकर कभी सोने नहीं जाते। उनका मानना है कि गंदे शरीर के साथ सोने से पूरा घर और सोने की जगह भी दूषित हो जाती है। इसलिए वो रात को नहाकर, खुद को पूरी तरह साफ करने के बाद ही बिस्तर पर जाते हैं।
तीसरी अहम वजह है उम्र बढ़ने के साथ आने वाली दिक्कतें। खासकर 40 साल की उम्र के बाद, मर्दों और औरतों दोनों में अकड़न, कमर दर्द और थकान होना आम बात है। जापानी लोगों को इसका इलाज पता है। रात को गर्म पानी के टब में, जिसे ओफुरो कहा जाता है, बैठने से शरीर की सारी अकड़ी हुई नसें और मांसपेशियां पूरी तरह ढीली पड़ जाती हैं। शरीर की सारी अकड़न और दर्द तुरंत गायब हो जाते हैं, जिससे सुबह उठने पर आपको गजब की ताजगी महसूस होती है।
और चौथी बड़ी बात यह है कि जापानी औरतों की बेदाग और जवां त्वचा का राज भी इसी रात की नहाने की आदत में छिपा है। जब आप रात को गर्म पानी से नहाते हैं, तो शरीर में नींद लाने वाला हार्मोन मेलाटोनिन बनने लगता है। जब आप गहरी और चैन की नींद सोते हैं, तो त्वचा की कोशिकाएं खुद-ब-खुद अपनी मरम्मत करती हैं। यही वजह है कि सुबह उठने पर उनकी त्वचा तरोताजा, चमकदार और जवां दिखती है। अगर आपको भी ये फायदे चाहिए, तो आप भी यह तरीका जरूर अपना सकते हैं।