गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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02:37 IST

जापानी लाइफस्टाइल की ये 6 आदतें दे सकती हैं खुशहाल और टेंशन-फ्री जिंदगी

रोजमर्रा की भागदौड़ और काम के प्रेशर में मन की शांति खोजनी है तो जापानी जीवनशैली की ये छोटी-छोटी आदतें आजमाकर देखिए।

जापानी लाइफस्टाइल की ये 6 आदतें दे सकती हैं खुशहाल और टेंशन-फ्री जिंदगी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

रोज की भागदौड़, काम का स्ट्रेस और बदलती जीवनशैली की वजह से आजकल बहुत लोगों को अपने लिए वक्त निकालना मुश्किल हो गया है। लगातार टेंशन, पूरी नींद न लेना, एक्सरसाइज की कमी और बिगड़ा हुआ रूटीन इस सबका असर सीधे मन की शांति पर पड़ता है। ऐसे में जापानी जीवनशैली की कुछ छोटी मगर अनुशासित आदतें रोजमर्रा की जिंदगी में काफी काम आ सकती हैं।

सबसे पहली बात है सफाई को अहमियत देना। जापानी कल्चर में सफाई सिर्फ घर का काम नहीं मानी जाती, बल्कि घर और आसपास के इलाके को साफ रखना एक अनुशासन की आदत समझी जाती है। रोज कुछ मिनट सामान को ठीक जगह पर रखना, फालतू चीजें अलग करना और घर को व्यवस्थित रखना - इससे माहौल ज्यादा सुकून भरा बना रहता है।

दूसरी आदत है सुबह की शुरुआत शांति से करना। जापानी जीवनशैली में दिन की शुरुआत जल्दी करने को बहुत महत्व दिया जाता है। सुबह उठते ही मोबाइल में बिजी होने या काम में जुट जाने की बजाय खुद के लिए थोड़ा वक्त निकालना बेहतर माना जाता है। हल्की एक्सरसाइज, मेडिटेशन, चाय-कॉफी का मजा लेना या दिन की प्लानिंग करना जैसी छोटी-छोटी बातें सुबह की भागदौड़ को थोड़ा कम कर सकती हैं।

तीसरी बात, चीजों की कीमत समझना। 'मौताइनाई' नाम की जापानी सोच फालतू की बर्बादी टालने पर जोर देती है। कोई चीज खराब हो जाए तो उसे तुरंत फेंक देने की बजाय यह सोचने की आदत डाली जाती है कि क्या उसे ठीक करके फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है। कपड़े, फर्नीचर या घर की दूसरी चीजों का सही इस्तेमाल और दोबारा उपयोग करने से कचरा कम करने में मदद मिलती है।

चौथी आदत है प्रकृति से नाता जोड़ना। 'शुन' नाम की जापानी सोच में सही मौसम की चीजों का मजा लेने पर फोकस किया जाता है। अपनी जिंदगी में भी मौसमी फल-सब्जी खाना, मौसम में होने वाले बदलाव को महसूस करना और प्रकृति पर ध्यान देना शामिल किया जा सकता है। दिनभर की भागदौड़ में से थोड़ा वक्त प्रकृति के लिए निकालने से मन को सुकून मिल सकता है।

पांचवीं आदत नहाने के वक्त को खुद के लिए रखना है। दिनभर की थकान के बाद कुछ देर शांति से आराम करना जरूरी है। जापानी कल्चर में गुनगुने पानी में कुछ देर आराम करने की परंपरा है। नहाते वक्त कुछ मिनट मोबाइल और बाकी चीजों से दूर रहकर खुद के लिए वक्त निकाला जा सकता है।

छठी और आखिरी आदत खाने के प्रति शुक्रगुजार रहने की है। जापान में खाना शुरू करने से पहले 'इतादाकिमासु' कहने की परंपरा है। इसके पीछे खाने और उसे बनाने में मेहनत करने वाले हर शख्स के प्रति शुक्रगुजारी जताने की भावना है। हम भी खाना खाते वक्त कुछ पल रुककर खाने का शुक्रिया अदा करने की आदत डाल सकते हैं।

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