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02:21 IST

गोंदिया में गणेश चतुर्थी पर ढोल-नगाड़ों और पुलिस बंदोबस्त के बीच धूमधाम से स्वागत

गोंदिया जिले में गणेश चतुर्थी पर घर-घर और सार्वजनिक पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना, पुलिस ने की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था

गोंदिया में गणेश चतुर्थी पर ढोल-नगाड़ों और पुलिस बंदोबस्त के बीच धूमधाम से स्वागत
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

हिंदू धर्म में किसी भी पूजा, हवन या मांगलिक काम की शुरुआत भगवान श्री गणेश की स्तुति से ही होती है। बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता गणेशजी की चतुर्थी पूरे देश में धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन महाराष्ट्र में इसका खास महत्व है। सोमवार 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का यह महापर्व मनाया जा रहा है और गणपति बप्पा के भव्य आगमन ने गोंदिया शहर को एक ही सुर में बांध दिया है।

'गणपति बप्पा मोरया' की गूंज के साथ देर रात से ही सड़कों पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग हाथों में मोदक और थालियों में आरती लेकर, भव्य आतिशबाजी के साथ अपने प्रिय विघ्नहर्ता का स्वागत कर रहे हैं। इस बार गणेश मंडलों ने आगमन की शोभायात्रा को और खास बनाया है। पारंपरिक वाद्य, डीजे की धुन, झांकी और नाचती-गाती टोलियों के साथ हर मंडल ने अपनी रचनात्मकता दिखाई। गुलाल और फूलों की बारिश से माहौल और रंगीन हो गया। गोंदिया का हर कोना आज भक्ति और खुशी के रंगों में डूबा है।

गोंदिया जिले के 556 गांवों में से 445 गांवों में इस बार 'एक गांव- एक गणपति' की संकल्पना को साकार करते हुए सिर्फ एक ही सार्वजनिक प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इसके अलावा इस साल जिले में 710 जगहों पर गणेश उत्सव मंडलों द्वारा सार्वजनिक पंडालों में गणपति की प्रतिमा स्थापित होगी।

जिले के 17 पुलिस स्टेशन क्षेत्रों के हिसाब से देखें तो गोंदिया शहर में 108, गोंदिया ग्रामीण क्षेत्र में 81, रामनगर थाना क्षेत्र में 62, रवानवाड़ी में 55, तिरोड़ा में 45, गंगाझरी में 46, दावानीवाड़ा में 25, आमगांव में 53, सालेकसा में 45, गोरेगांव में 23, देवरी में 35, चिचगढ़ में 25, डुग्गीपर में 55, नवेगावबंध में 12, किशोरी में 10 और अर्जुनी मोरगांव में 30 जगहों पर स्थापना हो रही है। इसके अलावा आज 5950 घरों में भी गणेशजी की स्थापना की जा रही है। मान्यता है कि गणपति को घर में स्थापित करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं, क्योंकि वे विघ्नों को हरने वाले और मंगल करने वाले देव माने जाते हैं।

गणेशजी के स्वागत की तैयारी कुमकुम से स्वास्तिक बनाकर और पूजन स्थल पर लाल केसरिया व पीले वस्त्र बिछाकर की गई। रंगोली, फूल, आम के पत्ते और अन्य सजावटी सामान से पंडालों को सजाया गया। ढोल-ताशे और नगाड़ों के बीच 'गणपति बाप्पा मोरया' के जयघोष के साथ आज सुबह से मूर्तिकारों के यहां से गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के लिए रैलियां निकलनी शुरू हुईं, जिसमें भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।

त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए जिला पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के नियंत्रण और अपर पुलिस अधीक्षक की देखरेख में, जिले के 4 उपविभागीय पुलिस अधिकारियों की अगुवाई में सभी 17 थाना प्रभारियों ने सार्वजनिक गणेशोत्सव स्थलों, भीड़भाड़ वाले और यातायात वाले इलाकों में तय प्वाइंट व्यवस्था, नाकाबंदी और गश्त की योजना बनाई है। छेड़छाड़, चोरी, उठाईगीरी और पॉकेटमारी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए सादी वर्दी में अधिकारियों के साथ-साथ चार्ली पथक और दामिनी पथक को भी सक्रिय किया गया है।

इनके अलावा आर.सी.पी, क्यू.आर.टी. पथक, सी-60 कमांडो, बीडीडीएस, मोटर परिवहन विभाग, बिनतारी संदेश विभाग और जिला यातायात विभाग भी तैनात रहेंगे। शहर के प्रवेश द्वारों पर नाकाबंदी और सीसीटीवी नेटवर्क से हर जगह पर नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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