एमआईडीसी भोसरी में क्रेन चालक की दादागिरी, सरकारी काम में रुकावट; धमकी देते हुए हमले की कोशिश
पिंपरी के एमआयडीसी भोसरी इलाके में एक क्रेन ड्राइवर ने बिना परमिशन घुसकर एक सरकारी कर्मचारी को धमकाया और हमला करने की कोशिश की।
पिंपरी के एमआयडीसी भोसरी इलाके के टी ब्लॉक में एक क्रेन ड्राइवर ने सरकारी काम में रुकावट डालने और एक कर्मचारी को धमकाने की घटना सामने आई है। बिना परमिशन लिए अंदर घुसे इस ड्राइवर ने जोर-जोर से चिल्लाते हुए कर्मचारी पर हमला करने की कोशिश भी की।
इस मामले में दुर्गेशकुमार रोहतीलाल विश्वकर्मा (उम्र ३१ साल, पेशे से नौकरी करने वाले) ने एमआयडीसी भोसरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। दुर्गेशकुमार सारिका शिंगोटे के कमरे में किराए पर रहते हैं, और उनका पता प्लॉट नंबर टी/१९, रोशन गार्डन, गली नंबर ३, महादेवनगर, चक्रमाणी वसाहत, भोसरी बताया गया है। एमएच १४ जेए ५९०५ नंबर की क्रेन के ड्राइवर और उसके साथ आए दो अनजान लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।
यह घटना ८ सितंबर २०२६ को शाम साढ़े पांच बजे के आसपास हुई। हिंदुस्तान प्रेसिंग प्रा. लि. कंपनी से करीब १०० मीटर दूर, फिलिप्स चौक की तरफ जाने वाली सड़क पर, टी ब्लॉक एमआयडीसी भोसरी में आरोपी और उसके साथ के दो अनजान लोग शिकायतकर्ता की परमिशन के बिना अंदर घुस आए। इस दौरान आरोपी ने रौब जमाते हुए शिकायतकर्ता से कहा, "तू कौन है मुझे बताने वाला? अंदर कौन आएगा, यह कोई नहीं तय करेगा। तू कौन होता है तय करने वाला?" इतना ही नहीं, उसने धमकी भी दी, "पुलिस को बुला, मिलिट्री को बुला और उनके बाप को भी बुला। मैं यहां से नहीं हटूंगा। तुझे देख लूंगा, बाहर मिल मुझे।"
इस बहस के बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता पर हमला करने की कोशिश भी की और जोर-जोर से चिल्लाकर सरकारी कामकाज में रुकावट डाली। पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई शिकायत के आधार पर क्रेन ड्राइवर और उसके साथ आए दो अनजान लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में आगे की जांच पुलिस कर रही है।
मामले से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, यह घटना दिन के समय हुई जब इलाके में सरकारी कर्मचारी अपना रोजमर्रा का काम कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने घटना के तुरंत बाद पुलिस स्टेशन जाकर पूरी बात बताई, जिसके बाद पुलिस ने जरूरी कार्रवाई शुरू की। क्रेन नंबर और आरोपी के साथ मौजूद दो अनजान लोगों की पहचान को लेकर पुलिस आगे की छानबीन कर रही है, ताकि पूरी घटना का सिलसिला साफ हो सके।