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23:45 IST

दिशा सालियन मौत मामला: जांच अब सीबीआई अफसर सीमा पाहुजा के हाथ में

दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की संदिग्ध मौत की जांच अब सीबीआई की सीनियर अफसर सीमा पाहुजा देखेंगी।

दिशा सालियन मौत मामला: जांच अब सीबीआई अफसर सीमा पाहुजा के हाथ में
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की संदिग्ध मौत का मामला राज्य में फिर सुर्खियों में है। मुंबई हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने इस मामले में औपचारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस एफआईआर में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे समेत कई बड़े नामों का जिक्र है।

इस मामले से जुड़ा सबसे बड़ा अपडेट अब सामने आया है। देश के कई बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले सुलझाने के लिए जानी जाने वालीं सीबीआई की सीनियर और तेज-तर्रार अफसर सीमा पाहुजा को इस जांच की देखरेख के लिए नियुक्त किया गया है। सीबीआई ने केस दर्ज करने के बाद से ही यह चर्चा जोरों पर थी कि इतने हाई-प्रोफाइल मामले की कमान किसी अनुभवी अफसर के हाथ में सौंपी जाएगी। अब सीमा पाहुजा का नाम तय होने से जांच को रफ्तार मिली है। सीबीआई की शुरुआती एफआईआर में किसी को भी आरोपी के तौर पर नाम नहीं दिया गया है।

सीमा पाहुजा फिलहाल दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय की स्पेशल क्राइम ब्रांच (एससी-टू) में पुलिस अधीक्षक यानी एसपी के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वे सीबीआई की चंडीगढ़ यूनिट में भी काम कर चुकी हैं। अपने लंबे और निष्पक्ष करियर में उन्होंने पूरे देश को हिला देने वाले कई पेचीदा क्रिमिनल केस सुलझाए हैं। सीमा पाहुजा उन्नाव रेप केस, हाथरस केस और पश्चिम बंगाल के कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल से जुड़े रेप-मर्डर केस की जांच भी संभाल चुकी हैं। शिमला के चर्चित 'गुड़िया' रेप-मर्डर केस की जांच में भी उनकी अहम भूमिका रही थी, और शिमला केस की जांच में मॉडर्न फोरेंसिक तकनीकों के इस्तेमाल के लिए उनकी टीम की तारीफ भी हुई थी।

क्राइम इन्वेस्टिगेशन में अपनी असाधारण काबिलियत, बारीक नजर और मॉडर्न फोरेंसिक तकनीकों के सटीक इस्तेमाल के लिए सीमा पाहुजा जानी जाती हैं। साल 2021 में उनकी शानदार जांच के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित 'सर्वोत्तम जांच अधिकारी' सुवर्ण पदक से सम्मानित किया गया था।

दिशा सालियन की मौत को छह साल से ज्यादा वक्त बीत चुका है। इतना लंबा वक्त गुजरने की वजह से जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने सबूतों की सच्चाई परखना, घटनाओं का सही तालमेल बिठाना और गवाहों के बयानों में विसंगतियां पकड़ना होगी। एफआईआर में तमाम दावे और आरोप दर्ज हैं, लेकिन मुंबई हाईकोर्ट के साफ निर्देश के मुताबिक, सिर्फ एफआईआर में किसी बात के जिक्र भर से किसी को अपने आप आरोपी नहीं माना जा सकता। सीबीआई अफसरों का कहना है कि जांच के दौरान जैसे-जैसे पुख्ता और वैज्ञानिक सबूत सामने आएंगे, उसी हिसाब से आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी पर फैसला लिया जाएगा। अब पूरे देश की नजर इस बात पर टिकी है कि एसपी सीमा पाहुजा की अगुवाई में सीबीआई की जांच किस दिशा में जाती है और सालों पुराना यह रहस्य सुलझ पाता है या नहीं।

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