धुळे में शिवसेना की गुटबाजी पर उदय सामंत नाराज, कहा - आखिरी मौका है
धुळे में शिवसेना पदाधिकारियों की बैठक में उद्योगमंत्री उदय सामंत ने गुटबाजी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और नई टीम बनाने की चेतावनी दी।
शिवसेना शिंदे गुट में धुळे की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर सामने आई है, और इसी को लेकर उद्योगमंत्री और शिवसेना नेता उदय सामंत ने पदाधिकारियों की जमकर क्लास ली। सामंत ने साफ कहा कि मित्रपक्ष क्या कर रहा है, इसकी फिक्र करने से पहले अपनी पार्टी में क्या चल रहा है, उस पर ध्यान दें। उन्होंने यह भी सीधी चेतावनी दी कि यह आखिरी मौका है।
धुळे में बोलते हुए उदय सामंत ने स्थानीय पदाधिकारियों को घर बैठे नसीहत दी। उन्होंने कहा कि गुटबाजी छोड़कर संगठन को मजबूत करें और कार्यकर्ताओं को आपसी राजनीति में मत पिसने दें।
सामंत ने कहा कि शिवसेना के इस गढ़ में आज पार्टी का सिर्फ एक विधायक है, और यह पार्टी खुद ही दूसरों को मौका देती जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि नंदुरबार में दो हजार पदाधिकारी जुट जाते हैं, लेकिन धुळे में पचास कार्यकर्ता तक नहीं जुटाए जा सके। "क्या हम साहेब को धोखा दे रहे हैं?" यह सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को आत्मचिंतन करने की जरूरत है। सामंत ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में पार्टी से जुड़ी सबसे ज्यादा शिकायतें धुळे से ही आ रही हैं।
उदय सामंत ने आगे चेतावनी देते हुए कहा, "अच्छा काम करो, यह तुम्हें आखिरी मौका है। वरना धुळे में नया प्रयोग करके नई टीम खड़ी की जाएगी।"
उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि डीपीसी में शिवसेना के चार सदस्य होने चाहिए और विरोधी पक्षनेता का पद भी शिवसेना के पास ही रहना चाहिए। साथ ही मनोज मोरे और सतीश महाले को साथ आकर संगठन का काम करने की सलाह दी।
सामंत ने पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं की अहमियत भी समझाई। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की वजह से ही हम हैं, इसलिए साहेब के साथ कार्यकर्ताओं की फोटो खिंचवाओ। उनके मुताबिक पूरा हॉल शिवसैनिकों से भरा हो, तभी पार्टी की असली ताकत दिखेगी।
उन्होंने यह भी साफ कहा कि एकनाथ शिंदे की वजह से ही तुम्हारा वजूद है, इसलिए कार्यकर्ताओं को अंदरूनी राजनीति में मत उलझाओ। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि धुळे के शिवसेना शिंदे गुट के इस अंदरूनी विवाद पर पार्टी के बड़े नेता क्या रुख अपनाते हैं।