ब्रिटिश संसद में एकनाथ शिंदे का अंग्रेजी में भाषण, स्टेट्समनशिप अवॉर्ड से सम्मान
लंडन दौरे पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में अंग्रेज़ी में आधे घंटे का भाषण दिया और लाडकी बहीण योजना व महाराष्ट्र के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने लंडन दौरे के दौरान ब्रिटिश संसद में जो भाषण दिया, वह अब दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर मराठी और हिंदी में बात करने वाले शिंदे ने ब्रिटिश संसद की ऐतिहासिक इमारतों हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्क्लेव 2026 में करीब आधे घंटे तक अंग्रेजी में भाषण दिया। उनके इस अंदाज ने वहां मौजूद ब्रिटिश सांसदों, बिजनेसमैन और विदेशी डिप्लोमैट्स को काफी प्रभावित किया।
भाषण की शुरुआत शिंदे ने जय हिंद, जय महाराष्ट्र और छत्रपती शिवाजी महाराज के जयघोष से की। इसके बाद उन्होंने सीनियर कवि सुरेश भट की मशहूर लाइनें लाभले आम्हास भाग्य बोलतो मराठी का जिक्र कर अपनी मातृभाषा पर गर्व जताया।
भाषण में शिंदे ने महाराष्ट्र में महिला सशक्तिकरण पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा, मेरी खुद की एक सगी बहन है, लेकिन मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की वजह से आज महाराष्ट्र की ढाई करोड़ बहनों का आशीर्वाद मेरे साथ है। उन्होंने बताया कि यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और आर्थिक आजादी की नींव है। उनके मुताबिक जब घर की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है तो पूरा परिवार तरक्की की राह पर चलता है।
शिंदे ने बताया कि महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने मां के सम्मान के लिए पिता के नाम के साथ मां का नाम भी लगाना अनिवार्य किया। इसके अलावा उन्होंने शासन आपल्या दारी योजना का भी जिक्र किया, जिसकी वहां खूब तारीफ हुई। इस योजना का मकसद आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से बचाना है।
महाराष्ट्र की आर्थिक ताकत दिखाते हुए शिंदे ने डिजाइन इन लंडन, मैन्युफैक्चर इन महाराष्ट्र का नया कॉन्सेप्ट पेश किया। उन्होंने कहा कि मुंबई और लंडन दोनों ग्लोबल फाइनेंशियल सेंटर हैं इसलिए दोनों जगहों के बीच सहयोग की भरपूर संभावनाएं हैं। उन्होंने ब्रिटिश बिजनेसमैन से अपील की कि वे अपनी ग्रीन कैपिटल और एडवांस टेक्नोलॉजी लेकर महाराष्ट्र आएं और फिनटेक, ग्रीन हाइड्रोजन, डीप-टेक और स्किल डेवलपमेंट जैसे सेक्टर में निवेश करें।
महाराष्ट्र के इन्फ्रास्ट्रक्चर के बारे में बात करते हुए उन्होंने हिंदूहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे समृद्धी महामार्ग, मुंबई कोस्टल रोड, अटल सेतू और वाढवण बंदर का जिक्र किया। उनका कहना था कि इन मेगा प्रोजेक्ट्स से महाराष्ट्र आगे चलकर ग्लोबल ट्रेड का मुख्य गेटवे बनेगा और राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने का सपना जरूर पूरा होगा।
ब्रिटिश संसद में महाराष्ट्र-भारत-यूके डायलॉग और इंटरनेशनल कॉन्क्लेव के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को उनकी लीडरशिप और पब्लिक सर्विस में योगदान के लिए स्टेट्समनशिप अवॉर्ड फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव लीडरशिप और कॉमनवेल्थ पब्लिक लीडरशिप रिकग्निशन जैसे अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया।
अवॉर्ड लेने के बाद शिंदे ने कहा, यह सम्मान मेरा निजी नहीं बल्कि महाराष्ट्र की 12 करोड़ जनता, किसान, मजदूर और मेरी लाडकी बहनों का सम्मान है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिंदे के इस लंडन दौरे से भारत और ब्रिटेन के रिश्ते और मजबूत होंगे और महाराष्ट्र में निवेश को नई रफ्तार मिलेगी।