बारिश में मोजे-जूतों से आती बदबू? तीन घरेलू तरीकों से मिलेगा छुटकारा
बारिश के मौसम में मोजे और जूतों से आने वाली बदबू से परेशान लोगों के लिए किचन में मौजूद चीजों से जुड़े आसान उपाय, जिनसे धोने के बाद भी बनी रहने वाली दुर्गंध से राहत मिल सकती है।
बरसात के दिनों में जूते और मोजों से बदबू आना आम बात है, लेकिन कई बार यही बदबू लोगों के सामने शर्मिंदगी की वजह बन जाती है। दिनभर मोजे और जूते पहने रहने से पैरों में पसीना आने लगता है, और इसी पसीने में पनपने वाले तरह-तरह के बैक्टीरिया ही उस गंदी बदबू के असली जिम्मेदार होते हैं। कई लोग जूते-मोजे बार-बार धोते हैं, फिर भी बदबू से पीछा नहीं छूटता। साबुन से धोने के बाद भी यह दुर्गंध किसी न किसी तरह बनी रहती है। ऐसे में कुछ आसान किचन हैक्स की मदद से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है, जिससे मोजों को बार-बार धोने की झंझट भी नहीं रहेगी और उनमें ताजगी भी बनी रहेगी।
पहला तरीका है सिरके यानी विनेगर का इस्तेमाल। अगर मोजों की बदबू से परेशान हैं और बार-बार धोने पर भी समस्या हल नहीं हो रही, तो मोजों पर विनेगर स्प्रे करके कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। इससे मोजों की दुर्गंध दूर हो जाती है और उन्हें बेझिझक पैरों में पहना जा सकता है।
दूसरा उपाय है टैल्कम पाउडर का। अगर घर में टैल्कम पाउडर मौजूद है, तो इसकी मदद से जूतों या मोजों की बदबू आसानी से दूर की जा सकती है। इसके लिए मोजे पहनने से पहले पैरों के तलवों पर टैल्कम पाउडर छिड़क लें। माना जाता है कि यह पाउडर पसीना, बदबू और बैक्टीरिया को दूर रखने में मदद करता है।
तीसरा तरीका है मोजों को धूप में अच्छी तरह सुखाना। बदबू से बचने के लिए मोजों को तेज धूप में सुखाना फायदेमंद रहता है। मोजे कभी भी गीले पैरों में नहीं पहनने चाहिए, क्योंकि इससे बदबू और बढ़ सकती है और बैक्टीरिया पैरों के तलवों पर जमा हो सकते हैं। इसलिए मोजों को पहले तेज धूप या खुली हवा में अच्छी तरह सुखाएं और उसके बाद ही पैरों में पहनें।
इसके अलावा कुछ और बातों का भी ध्यान रखना जरूरी है। अगर पैरों से ज्यादा पसीना आता है तो कॉटन के मोजे पहनने चाहिए, सिंथेटिक मोजों से बचना चाहिए। साथ ही मोजों को हर तीन से चार महीने में बदलते रहना चाहिए। दुर्गंध से पूरी तरह छुटकारा चाहिए तो मोजों को नियमित रूप से धोते रहना भी जरूरी है।