Bangsamoro में पांच दशक की हिंसा के बाद सोमवार को पहला नियमित संसदीय चुनाव
दक्षिण फिलिपिन्स के Bangsamoro Autonomous Region में १.२० लाख मौतों के बाद जनता पहली बार मतपेटी से अपने प्रतिनिधी चुनेगी
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दक्षिण फिलिपिन्स के Bangsamoro Autonomous Region in Muslim Mindanao यानी BARMM में सोमवार १४ सितंबर को पहली बार नियमित संसदीय चुनाव हो रहे हैं। पांच दशक तक चले सशस्त्र संघर्ष के बाद इस इलाके की जनता अब मतपेटी के जरिए अपने प्रतिनिधी चुनने वाली है।
इस संघर्ष में करीब १.२० लाख लोगों की जान गई है, और लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। यही वजह है कि इस चुनाव को सिर्फ एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शांति और स्वशासन की तरफ बढ़ा एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
Bangsamoro इलाके में इस चुनाव में करीब २.४० लाख वोटर वोट डालेंगे। इस चुनाव में संसद की ८० सीटों के लिए प्रतिनिधी चुने जाएंगे, जिनमें प्रादेशिक पार्टियों के प्रतिनिधी, जिलेवार प्रतिनिधी और अलग-अलग क्षेत्रों के लिए आरक्षित सीटें शामिल हैं।
चुने गए संसद सदस्य आगे चलकर इस प्रदेश का Chief Minister चुनेंगे। यानी इस वोटिंग से सिर्फ विधायक या सांसद ही नहीं चुने जाएंगे, बल्कि पूरे स्वायत्त प्रदेश की आगे की राजनीतिक दिशा भी इसी से तय होगी।
Bangsamoro का इतिहास संघर्ष से भरा रहा है। स्वायत्तता की मांग को लेकर कई दशकों से सरकार के खिलाफ सशस्त्र आंदोलन चलता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिक, सुरक्षा बल के जवान और बागियों की जान गई।
२०१४ में फिलिपिन्स सरकार और Moro Islamic Liberation Front यानी MILF के बीच हुए शांति समझौते के बाद स्वायत्त Bangsamoro प्रदेश बनाने का रास्ता खुला। २०१९ में BARMM की स्थापना हुई, और पहले बागी रह चुके नेताओं को संक्रमण काल की सरकार में जगह दी गई। लेकिन चुनाव कई बार टलते रहे, और अब जाकर पहली नियमित संसदीय चुनाव का रास्ता साफ हुआ है।
इस चुनाव के सामने अभी भी कई चुनौतियां हैं। इलाके के कुछ हिस्सों में राजनीतिक और स्थानीय झगड़ों का पुराना इतिहास अभी भी कायम है। इसी वजह से वोटिंग के मद्देनजर २० हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा MILF के हजारों पूर्व लड़ाकों का पूरी तरह निःशस्त्रीकरण अभी भी पूरा नहीं हुआ है। कुछ गुटों के बीच राजनीतिक मतभेद और स्थानीय गुटबाजी भी बनी हुई है।
इसलिए सोमवार को होने वाली वोटिंग सिर्फ सरकार चुनने तक सीमित नहीं रहेगी। पांच दशक की हिंसा के बाद लोकतांत्रिक व्यवस्था असल में कितनी मजबूत बनती है और शांति कितनी टिकती है, इसकी यह एक बड़ी परीक्षा भी होगी। मतपेटी से निकलने वाला यह पहला फैसला Bangsamoro के भविष्य के लिए नया अध्याय बनता है या नहीं, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है।