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01:20 IST

बालेनो फेसलिफ्ट या फ्रॉन्क्स: कीमत और फीचर्स में जानिए कौन सी गाड़ी बेहतर

मारुती सुझुकी की दो पॉपुलर गाड़ियों बालेनो फेसलिफ्ट और फ्रॉन्क्स की कीमतें अब एक-दूसरे के काफी करीब आ गई हैं, ऐसे में ग्राहकों के लिए सही चुनाव करना आसान नहीं।

बालेनो फेसलिफ्ट या फ्रॉन्क्स: कीमत और फीचर्स में जानिए कौन सी गाड़ी बेहतर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मारुती सुझुकी की दो जानी-मानी गाड़ियां, बालेनो फेसलिफ्ट और फ्रॉन्क्स, इंडियन मार्केट में अब लगभग एक ही रेंज में आ गई हैं। दिल्ली एक्स-शोरूम कीमत के हिसाब से बालेनो फेसलिफ्ट की शुरुआती कीमत 5.99 लाख रुपये है, जबकि फ्रॉन्क्स 6.85 लाख रुपये से शुरू होती है। दोनों गाड़ियां एक ही HEARTECT प्लेटफॉर्म पर बनी हैं, लेकिन इनके बॉडी डिजाइन, इंजन ऑप्शन और टॉप वेरिएंट की कीमत में काफी अंतर है। बालेनो का टॉप मॉडल 9.99 लाख रुपये तक जाता है, वहीं फ्रॉन्क्स का टॉप मॉडल 11.98 लाख रुपये तक पहुंचता है। यानी हैचबैक लेनी है या क्रॉसओवर एसयूवी, यह कन्फ्यूजन कई ग्राहकों के मन में है।

दिखने और साइज में भी दोनों गाड़ियां अलग-अलग कैटेगरी की हैं। बालेनो एक क्लासिक प्रीमियम हैचबैक है, जबकि फ्रॉन्क्स को क्रॉसओवर एसयूवी वाला लुक दिया गया है। फ्रॉन्क्स का ग्राउंड क्लीयरेंस 190mm है और इसमें 308 लीटर की बूट स्पेस मिलती है। लंबाई की बात करें तो बालेनो 3,990mm और फ्रॉन्क्स 3,995mm की है, यानी दोनों में सिर्फ 5mm का फर्क है। चौड़ाई में बालेनो 1,745mm और फ्रॉन्क्स 1,765mm है, यहां 20mm का फर्क है। ऊंचाई में भी बालेनो 1,530mm और फ्रॉन्क्स 1,550mm है, यानी फिर से 20mm का अंतर। व्हीलबेस दोनों गाड़ियों का बराबर है, 2,520mm।

इंजन की बात करें तो बालेनो फेसलिफ्ट में अब नया Z12E 1.2-लीटर 3-सिलिंडर इंजन दिया गया है, जो 83hp पावर और 112Nm टॉर्क जनरेट करता है। ऑटोमैटिक यानी AMT वेरिएंट में यह गाड़ी 24.77 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देने का दावा करती है। फ्रॉन्क्स में दो इंजन ऑप्शन मिलते हैं। पहला, 1.2-लीटर K-सीरीज नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन, जो 88hp पावर और 113Nm टॉर्क देता है और AMT टाइप में 22.89 किमी प्रति लीटर माइलेज देता है। दूसरा, 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल बूस्टरजेट इंजन, जो 99hp पावर और 147.6Nm टॉर्क जनरेट करता है, इसमें पैडल शिफ्टर्स के साथ 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन भी मिलता है। यह पावरफुल टर्बो-पेट्रोल ऑप्शन बालेनो में उपलब्ध नहीं है।

दोनों गाड़ियों में कंपनी-फिटेड सीएनजी का ऑप्शन भी मिलता है। बालेनो में सीएनजी सिर्फ डेल्टा और जेटा वेरिएंट में ही दी गई है, जबकि फ्रॉन्क्स में सिग्मा और डेल्टा 1.2-लीटर वेरिएंट में सीएनजी मिलती है। फीचर्स के मामले में नई बालेनो फेसलिफ्ट में इस जनरेशन में लेवल 2 ADAS और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम यानी TPMS जैसे एडवांस सेफ्टी फीचर्स जोड़े गए हैं। इसके अलावा इसमें हेड-अप डिस्प्ले, 9-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स मिलती हैं। दूसरी ओर, फ्रॉन्क्स में 9-इंच स्मार्टप्ले प्रो+ टचस्क्रीन, हेड-अप डिस्प्ले, वायरलेस चार्जिंग, 360-डिग्री कैमरा और सभी वेरिएंट में स्टैंडर्ड 6 एयरबैग्स मिलते हैं।

तो कौन सी गाड़ी सही है, यह ग्राहक की जरूरत पर डिपेंड करता है। जिन लोगों को बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी, दमदार माइलेज और कम कीमत में प्रीमियम हैचबैक चाहिए, उनके लिए मारुती बालेनो फेसलिफ्ट सही रहेगी। लेकिन जिन्हें ऊंची राइडिंग पोजीशन, क्रॉसओवर एसयूवी वाला लुक और टर्बो-पेट्रोल इंजन का दमदार परफॉर्मेंस पसंद है, वे थोड़ा ज्यादा बजट रखकर मारुती फ्रॉन्क्स का ऑप्शन देख सकते हैं।

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