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02:37 IST

बहुत गरम चाय-कॉफी पीने से अन्ननली के कैंसर का खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

डॉक्टरों का कहना है कि बहुत ज्यादा गरम चाय-कॉफी बार-बार पीने से अन्ननली को नुकसान पहुंच सकता है और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

बहुत गरम चाय-कॉफी पीने से अन्ननली के कैंसर का खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

सुबह उठते ही एक कप गरमागरम चाय या कॉफी न मिले तो दिन की शुरुआत ही अधूरी लगती है। थकान भगाने के लिए हो, काम के बीच थोड़ा सुकून पाने के लिए हो या दोस्तों-परिवार के साथ गप्पें मारने के लिए हो, ये कप अब हर किसी की रोज की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। लेकिन "जितनी गरम, उतनी अच्छी" वाली सोच के साथ चाय-कॉफी पीने की आदत सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उबलती हुई चाय या कॉफी बार-बार और बहुत ज्यादा गरम तापमान पर पीने की आदत अन्ननली पर असर डाल सकती है और लंबे समय में कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है।

बहुत से लोगों को भाप निकलती हुई और बेहद गरम चाय-कॉफी पीने की आदत होती है। लेकिन यह जानना जरूरी है कि 65 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान का बेहद गरम पेय बार-बार पीने से अन्ननली की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंच सकता है, और लंबे समय में इससे अन्ननली के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

बहुत गरम चाय या कॉफी पीना सेहत के लिए ठीक नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के तहत आने वाली IARC ने 65 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान के अतिगरम पेय को "इंसानों में कैंसर होने की संभावना वाला" (probably carcinogenic) माना है। इसका मतलब यह नहीं कि चाय या कॉफी से सीधे कैंसर हो जाता है। लेकिन बार-बार और बहुत ज्यादा गरम पेय पीने से मुंह, गले और अन्ननली के अंदरूनी हिस्से को गर्मी से नुकसान पहुंच सकता है, जिससे खतरा बढ़ जाता है।

ऑन्कोलाईफ कैंसर सेंटर, तळेगांव-दाभाडे के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. विवेक बांडे ने बताया कि बहुत गरम पेय पीने से अन्ननली की कोशिकाओं पर बार-बार गर्मी का दबाव और छोटी-छोटी चोटें पड़ सकती हैं। अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे तो अन्ननली के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। उनके मुताबिक पेय को थोड़ा ठंडा करके पीना ही सबसे आसान और बचाव वाला तरीका है।

अन्ननली के कैंसर के शुरुआती लक्षणों को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। खाना निगलने में दिक्कत होना, सीने में जलन या दर्द होना, खाना गले में फंसा हुआ महसूस होना, आवाज में बदलाव आना, अचानक वजन घटना और लंबे समय तक खांसी रहना जैसे लक्षण बार-बार दिखें तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

अपोलो स्पेक्ट्रा, पुणे के हेड एंड नेक सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. राम पाटील ने कहा कि अन्ननली के कैंसर में लक्षणों को नजरअंदाज करना बड़ी समस्या है। खासकर खाना निगलने में दिक्कत या गले में खाना फंसने जैसा महसूस होना बार-बार हो तो इसे सिर्फ एसिडिटी समझकर टालें नहीं। उनके मुताबिक स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाना, संतुलित खाना खाना, नियमित हेल्थ चेकअप कराना और बहुत गरम पेय से बचना, ये सब मिलकर खतरा कम करने में मदद करते हैं।

डॉक्टरों की सलाह है कि जिन लोगों को चाय या कॉफी पीने की आदत है, वे उबलते हुए पेय को तुरंत न पिएं बल्कि कुछ मिनट रुक जाएं। 50-60 डिग्री सेल्सियस के आसपास का तापमान अपेक्षाकृत ठीक माना जाता है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना, संतुलित खाना खाना और स्मोकिंग-शराब से दूर रहना जैसी आदतें अपनानी जरूरी हैं।

डॉक्टरों ने यह भी साफ किया कि अन्ननली के कैंसर का खतरा सिर्फ बहुत गरम पेय से ही नहीं बढ़ता। तंबाकू का सेवन, शराब, मोटापा, खाने की कुछ चीजें और दूसरे मेडिकल कारण भी इस खतरे पर असर डाल सकते हैं। इसलिए उनकी सलाह है कि चाय-कॉफी पूरी तरह बंद करने की बजाय बहुत ज्यादा गरम चाय-कॉफी से बचें और शरीर में दिखने वाले असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

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