गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:25 IST

अहिल्यानगर में डॉक्टर से 14 करोड़ की जमीन ठगी, माजी नगरसेवक समेत चार पर मोक्का

सावेडी के एक डॉक्टर को जमीन के फर्जी सौदों में फंसाकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है।

अहिल्यानगर में डॉक्टर से 14 करोड़ की जमीन ठगी, माजी नगरसेवक समेत चार पर मोक्का तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अहिल्यानगर के सावेडी इलाके के एक जाने-माने डॉक्टर को जमीन खरीद-बिक्री के अलग-अलग सौदों में फंसाकर 14 करोड़ 66 लाख 51 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे खेल का मुख्य सूत्रधार और भाजपा के माजी नगरसेवक समेत चार लोगों की टोली के खिलाफ महाराष्ट्र संघटित गुन्हेगारी नियंत्रण कायदा यानी मोक्का के तहत कार्रवाई की गई है।

नाशिक परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने हाल ही में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिससे इलाके के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। मोक्का के तहत जिन आरोपियों पर कार्रवाई हुई है उनके नाम हैं माजी नगरसेवक स्वप्निल रोहिदास शिंदे (रहने वाला सावेडी, अहिल्यानगर), अमोल बबन जाधव (रहने वाला मोरगव्हाण, तालुका नेवासे), महेश नारायण कुहे और भारत फुलमाळी (रहने वाला घोडेगाव, तालुका नेवासे)। झोपडी कॅन्टीन इलाके में रहने वाले डॉ. अनिल सूर्यभान आठरे की शिकायत पर 8 नवंबर 2025 को एमआयडीसी पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पहले डॉक्टर का भरोसा जीता, फिर उन्हें जमीनें दिखाकर सौदे का लालच दिया। असली सौदे के वक्त जमीन के फर्जी मालिक खड़े कर उनके नकली दस्तखत और बोगस दस्तावेज तैयार किए गए। इन्हीं कागजों के सहारे बार-बार करोड़ों रुपये ऐंठकर आरोपियों ने डॉक्टर को ठगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आर्थिक गुन्हे शाखा को सौंपी गई थी। आर्थिक गुन्हे शाखा के पुलिस निरीक्षक डॉ. शरद गोर्डे ने तेजी से जांच करते हुए मुख्य संदिग्ध अमोल जाधव को गिरफ्तार किया। इसके बाद माजी नगरसेवक स्वप्निल शिंदे और महेश कुन्हे को नाशिक जेल से इस मामले में ट्रांसफर कर गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर और संगठित तरीके से यह आर्थिक अपराध किया है, यह साफ होने के बाद पुलिस ने मोक्का का प्रस्ताव तैयार किया। पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन के जरिए भेजे गए इस प्रस्ताव की जांच कर नाशिक परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने इसे मंजूरी दी। फिलहाल शहर उपअधीक्षक डॉ. दिलीप टिपरसे इस मामले की आगे की जांच कर रहे हैं।

इससे पहले स्वप्निल शिंदे की टोली पर एक हत्या के मामले में भी मोक्का के तहत कार्रवाई हो चुकी है। अब जमीन ठगी के इस करोड़ों रुपये के मामले में दोबारा मोक्का लगने से उसकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। अहिल्यानगर में शायद यह पहला मौका है जब किसी टोली पर इस तरह दो बार मोक्का लगाया गया हो, जिससे जिले के अपराधियों में भी खलबली मच गई है।

स्वप्निल शिंदे और उसके साथियों पर पहले भी मारपीट, दहशत फैलाने और गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाने जैसे कई गंभीर मामले तोफखाना और दूसरे पुलिस स्टेशनों में दर्ज हैं।

जुलाई 2023 में सावेडी में राष्ट्रवादी कांग्रेस के कार्यकर्ता अंकुश दत्तात्रय चत्तर पर लोहे की रॉड और हथियारों से जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इस हत्या के मामले में स्वप्निल शिंदे को मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया था। इसी हत्याकांड के बाद स्थानिक गुन्हे शाखा और पुलिस ने स्वप्निल शिंदे और उसकी टोली पर संघटित गुन्हेगारी प्रतिबंधक कानून यानी मोक्का के तहत कार्रवाई की थी।

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