गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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02:21 IST

अगले 15 दिन बारिश की उम्मीद नहीं, नागपुर वेधशाला ने किसानों को दिया सलाह

नागपुर वेधशाला के मुताबिक अगले 15 दिन मानसून की बारिश की कोई संभावना नहीं, किसानों को सिंचाई के दूसरे विकल्प पर ध्यान देने की सलाह

अगले 15 दिन बारिश की उम्मीद नहीं, नागपुर वेधशाला ने किसानों को दिया सलाह
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

राज्यभर का किसान बारिश का इंतजार कर रहा है, लेकिन इसी बीच एक खबर आई है जो चिंता और बढ़ाने वाली है। नागपुर वेधशाला ने बताया है कि अगले 15 दिन विदर्भ में मानसून की बारिश की कोई संभावना नहीं है। इसीलिए वेधशाला ने किसानों को सलाह दी है कि वे मानसून की बारिश का इंतजार छोड़कर सिंचाई के दूसरे विकल्पों पर ध्यान दें।

वेधशाला के मुताबिक विदर्भ को मानसून की बारिश तभी मिलती है जब बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का पट्टा बनता है। लेकिन फिलहाल अगले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का पट्टा बनने की कोई संभावना नहीं दिख रही है, यह जानकारी नागपुर वेधशाला के वैज्ञानिक प्रवीण कुमार ने दी है। उन्होंने बताया कि अभी अल नीनो का असर बरकरार है और सितंबर महीने में भी औसत से कम बारिश दर्ज होने की संभावना है। प्रवीण कुमार ने कहा कि स्थानीय मौसम की स्थिति की वजह से छोटे-छोटे इलाकों में बारिश हो सकती है, लेकिन मानसून की सक्रिय बारिश की फिलहाल दो हफ्तों तक कोई संभावना नहीं है।

प्रवीण कुमार ने आगे बताया कि आने वाले कुछ दिनों में बारिश की बहुत कम संभावना है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का पट्टा बनने के आसार नहीं दिख रहे। अगले चार-पांच दिन तो बारिश की संभावना बहुत कम है, कहीं भी बारिश होने के आसार नजर नहीं आ रहे। अगले 15 दिन बारिश की उम्मीद न होने की वजह से अब किसानों को दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करना चाहिए। अल नीनो का असर साफ दिख रहा है और यह बड़े पैमाने पर सक्रिय हो चुका है।

इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी के विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा है कि मराठवाड़ा और विदर्भ समेत पूरे राज्य में सूखे जैसे हालात हैं। उन्होंने कहा कि अल नीनो के असर की वजह से सितंबर भी सूखा जाने का अनुमान वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन ने पिछले महीने दिया था, जो पूरी तरह सही साबित हुआ है। रोहित पवार के मुताबिक पूरा सीजन बर्बाद हो चुका है और किसान बड़े आर्थिक संकट में फंस गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सूखे की हकीकत बहुत डरावनी है और हालात दिन-ब-दिन और बिगड़ते जाएंगे। इसीलिए उन्होंने मांग की है कि सरकार आज की कैबिनेट बैठक में सूखा घोषित करने का फैसला ले और किसानों को हेक्टेयर पर कम से कम 50 हजार रुपए और खेत मजदूरों को कम से कम 25 हजार रुपए की मदद का ऐलान करे।

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