9/11 की 25वीं बरसी पर अल-कायदा का नया वीडियो, हमजा बिन लादेन जिंदा दिखा
अल-कायदा की मीडिया शाखा अस-सहाब ने जारी किया 50 मिनट का प्रोपेगंडा वीडियो, ओसामा के बेटे हमजा की मौत की खबर पर उठे सवाल
अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए भीषण आतंकी हमले को 25 साल पूरे हो गए हैं। न्यू यॉर्क के ट्विन टॉवर्स, पेंटागॉन और पेनसिल्वेनिया में हुए इन हमलों में 2,977 बेकसूर लोगों की जान गई थी। इसी काली बरसी के मौके पर आतंकी संगठन अल-कायदा की आधिकारिक मीडिया शाखा अस-सहाब ने 50 मिनट का एक खास वीडियो जारी किया है, जिसने खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
"11 सितंबर के हमलों की पच्चीस साल" नाम से जारी इस वीडियो में ओसामा बिन लादेन का बेटा और उसका संभावित उत्तराधिकारी माना जाने वाला हमजा बिन लादेन सीधे नजर आया है। यही बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली है, क्योंकि 2019 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने दावा किया था कि एक आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर हमजा मारा गया था। अमेरिका ने उस पर 10 लाख डॉलर का इनाम भी रखा था। लेकिन अल-कायदा ने कभी भी उसकी मौत को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया, न ही उसके लिए कोई शोक संदेश जारी किया गया। अब 7 साल बाद आए इस वीडियो ने यह बहस फिर छेड़ दी है कि हमजा सच में मारा गया था या वह अभी भी जिंदा है।
वीडियो में हमजा बिन लादेन पारंपरिक सफेद पगड़ी पहने एक टूटी हुई मिट्टी की दीवार से टेक लगाकर बैठा दिखता है, उसके बगल में एक असॉल्ट राइफल रखी हुई है। बताया जा रहा है कि यह उसका पहला ऐसा फुटेज है जिसमें वह हकीकत में नजर आया हो। इसी वीडियो में अल-कायदा के पूर्व प्रमुख आयमान अल-जवाहिरी की भी ऐसी तस्वीरें दिखाई गई हैं जो पहले कभी सामने नहीं आई थीं। खुफिया विश्लेषकों का मानना है कि अल-कायदा का मौजूदा प्रमुख सैफ अल-अदल अपनी विचारधारा फैलाने और नए, कम उम्र के आतंकियों की भर्ती के लिए एक बार फिर 'बिन लादेन' नाम और उसकी पारिवारिक छवि का इस्तेमाल कर रहा है।
वीडियो की शुरुआत सितंबर 2014 में अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) द्वारा कराची के नौदल अड्डे पर किए गए हमले के फुटेज से होती है। जानकारों के मुताबिक इससे यह भी साफ होता है कि अल-कायदा के केंद्रीय नेतृत्व पर पाकिस्तानी आतंकी गुटों का कितना असर है। 9/11 की 25वीं बरसी पर जब अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियां वैसे ही पूरी तरह अलर्ट पर हैं, ठीक उसी वक्त यह प्रोपेगंडा वीडियो सामने आया है। इसे देखते हुए अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और पेंटागॉन इसकी बारीकी से तकनीकी जांच में जुट गए हैं। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि यह वीडियो पुराना है या हाल ही का बनाया गया है।