चंद्रपुर में रिटायर्ड कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 63 लाख की ठगी
चंद्रपुर में एक रिटायर्ड कर्मचारी को फर्जी पुलिस अफसर, ईडी और सुप्रीम कोर्ट के नाम पर धमकाकर 63 लाख रुपये की ठगी की गई। साइबर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर जांच शुरू।
चंद्रपुर से एक बड़ा साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एक रिटायर्ड कर्मचारी से पूरे 63 लाख 7 हजार रुपये ठग लिए गए। दुर्गापुर के ऊर्जानगर इलाके में मेजर गेट के पास रहने वाले दिनकर गोविंदराव खोब्रागड़े, जो वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) से सीनियर मैकेनिक के पद से रिटायर हुए हैं, इस ठगी के शिकार बने। वे अपनी पत्नी के साथ रहते हैं और उनकी उम्र 67 साल है।
26 नवंबर 2025 को खोब्रागड़े के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस का अफसर बताया और कहा कि उनके नाम पर एक नया सिम कार्ड निकाला गया है। इसके बाद पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स ने उन्हें व्हाट्सऐप वीडियो कॉल किया। ठगों ने बताया कि उनकी पहचान का इस्तेमाल करके मुंबई के केनरा बैंक में एक खाता खोला गया है, जिसमें विदेश से पैसे आए हैं। कहानी को और पुख्ता बनाने के लिए यह भी बताया गया कि इस मामले में मोहम्मद सलीम नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का शक है, और उसने खोब्रागड़े के खाते में आए पैसों में से 10 फीसदी रकम उन्हें ही दी है।
इसके बाद खोब्रागड़े को गिरफ्तारी की धमकी देकर किसी से भी इस बारे में बात न करने की चेतावनी दी गई। ठगों ने साफ कहा कि अगर उन्होंने किसी को कुछ बताया तो उनके बेटे और परिवार को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। भरोसा दिलाने के लिए साइबर ठगों ने मुंबई क्राइम ब्रांच की फर्जी शिकायत, केनरा बैंक का नकली स्टेटमेंट और सुप्रीम कोर्ट का जाली नोटिस व्हाट्सऐप पर भेजा। अगले दिन ईडी का फर्जी नोटिस भेजकर कार्रवाई से बचने के नाम पर बड़ी रकम की मांग शुरू कर दी गई।
डर के मारे खोब्रागड़े ने अपनी और परिवार की जान बचाने के लिए जिंदगीभर की जमा पूंजी और रिटायरमेंट के बाद बैंक ऑफ इंडिया की पद्मापुर ब्रांच में रखी अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ दी। 1 से 3 दिसंबर 2025 के बीच उन्होंने आरोपियों के बताए अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए कुल 63 लाख 7 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे मिलने के बाद ठगों ने ईडी का समन रद्द होने की फर्जी चिट्ठी भेजकर उन्हें गुमराह किया।
इस घटना के बाद बुजुर्ग दंपति काफी समय तक मानसिक तनाव में रहे और उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया। सितंबर 2026 में जब यह दंपति पुणे के पाषाण इलाके में अपने बेटे के पास गए, तो 7 सितंबर को ठगों ने फिर से कॉल कर धमकाना शुरू किया और नया आरोप लगाया कि जम्मू के एक बैंक में खाता खोलकर पैसे लिए गए हैं। इस बार बेटे और बहू को इन कॉल्स पर शक हुआ। उन्होंने तुरंत पिता का मोबाइल बंद कराकर पूरी बात जानी, जिसके बाद 63 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ। बेटे ने बिना देर किए नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद चंद्रपुर साइबर पुलिस स्टेशन में खुद जाकर शिकायत दी गई, जिस पर पुलिस ने अनजान आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4), 319(2), 308, 336, 205, 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(क) व 66(ड) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस निरीक्षक सुनील विठ्ठलराव गाडे की निगरानी में चंद्रपुर साइबर पुलिस इस अंतरराज्यीय गैंग की गहराई से जांच कर रही है।