अजनी में देह व्यापार का मामला: युवक गिरफ्तार, 3.61 ग्राम एमडी जब्त
नागपुर क्राइम ब्रांच की सोशल सिक्योरिटी और एएचटीयू टीम ने डिकॉय ग्राहक भेजकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा, साथ में एमडी ड्रग्स भी बरामद।
नागपुर क्राइम ब्रांच के सोशल सिक्योरिटी डिपार्टमेंट और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने अजनी पुलिस स्टेशन इलाके में एक 23 साल के युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह आरोपी महिला को देह व्यापार के लिए उपलब्ध कराता था और उसके पास से एमडी ड्रग्स भी बरामद हुई है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मंथन गोपाल थोटे (23) के रूप में हुई है, जो नागपुर के अजनी इलाके में चंद्रमणि नगर, गली नंबर 7 का रहने वाला है। इस मामले में पुलिस ने नागपुर के दुर्गा नगर निवासी कुणाल यशवंत येलकर को भी वांछित आरोपी बताया है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 16 सितंबर 2026 को शाम करीब 6:55 बजे अजनी इलाके में हनुमान नगर पब्लिक लाइब्रेरी के सामने सार्वजनिक सड़क पर की गई।
पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी महिलाओं और युवतियों को जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर उन्हें फंसाता था और देह व्यापार के लिए ग्राहक जुटाता था। इसी सूचना के आधार पर सोशल सिक्योरिटी डिपार्टमेंट और एएचटीयू टीम ने डिकॉय ग्राहक और दो पंच गवाहों के साथ ऑपरेशन प्लान किया। ऑपरेशन के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर डिकॉय ग्राहक के लिए एक वयस्क महिला को उपलब्ध कराया, जो इसके लिए राजी थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 3.610 ग्राम एमडी पाउडर बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 36,100 रुपये आंकी गई है। पुलिस को शक है कि यह ड्रग्स ग्राहक को बेचने के लिए रखी गई थी।
तलाशी में पुलिस ने 1,500 रुपये नकद, करीब 60,000 रुपये कीमत की एक्टिवा स्कूटर और 21,000 रुपये कीमत के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए। जब्त की गई कुल संपत्ति की कीमत 1,18,600 रुपये बताई गई है।
इस मामले में अजनी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 143(2) और 143(3), इम्मोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट, 1956 की धारा 3, 4, 5 और 7, और एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(ए), 22(बी) और 29 के तहत केस दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अजनी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। वांछित आरोपी कुणाल यशवंत येलकर की तलाश जारी है। जांच में देह व्यापार के पूरे नेटवर्क, संभावित ग्राहकों, एमडी ड्रग्स के सोर्स और आरोपी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर भी फोकस किया जा रहा है।
यह ऑपरेशन नागपुर क्राइम ब्रांच के सोशल सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के पुलिस इंस्पेक्टर दर्शन पाटिल की देखरेख में सोशल सिक्योरिटी डिपार्टमेंट और एएचटीयू टीम ने चलाया। इस मामले में शिकायत पुलिस हेड कॉन्स्टेबल प्रकाश माथनकर ने दर्ज कराई है।