गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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14:32 IST

'आई तुळजाभवानी' में गणपति बप्पा की एंट्री, AI-VFX से बना गजमुख चर्चा में

'आई तुळजाभवानी' में गणपति बप्पा की एंट्री, AI-VFX से बना गजमुख चर्चा में
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

कलर्स मराठी के लोकप्रिय सीरियल 'आई तुळजाभवानी' का गणेश आगमन वाला प्रोमो इन दिनों खूब चर्चा में है। इस प्रोमो में तैयार किया गया गजमुख दर्शकों का खास ध्यान खींच रहा है। गणपति की हिलती हुई सूंड और सूंड की मदद से मोदक खाने वाला सीन बहुत असरदार ढंग से दिखाया गया है, और इस सीन के पीछे इस्तेमाल हुई AI और VFX टेक्नोलॉजी की तारीफ हो रही है।

सीरियल की आगे की कहानी में तुळजापुर में बालगणेश की शरारती और प्यारी एंट्री होने वाली है। इसके बाद कहानी में आगे क्या-क्या दिलचस्प मोड़ आएंगे, इसे लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।

'आई तुळजाभवानी' शुरू से ही VFX और AI टेक्नोलॉजी के अलग-अलग प्रयोगों के लिए जानी जाती रही है। AI के जरिए किरदार गढ़ने से लेकर असली कलाकारों और AI किरदारों के बीच बातचीत दिखाने तक, सीरियल में कई तरह के तकनीकी प्रयोग किए जा चुके हैं। पौराणिक और दैवी सीन्स को और असरदार बनाने के लिए भी सीरियल में AI का इस्तेमाल किया गया है। अब गणेश आगमन के मौके पर बनाए गए गजमुख ने इस तकनीकी प्रयोग में एक और नया अध्याय जोड़ दिया है।

गजमुख की बनावट, उसके चेहरे के हाव-भाव और खासकर सूंड की हरकतें नैचुरल लगें, इसके लिए बड़े पैमाने पर काम किया गया। AI के जरिए अलग-अलग रूप तैयार करके उनमें से सही रूप चुना गया, और उसके बाद VFX के जरिए उसे जीवंत बनाया गया। गणपति के सूंड से मोदक ग्रहण करने वाला सीन नैचुरल और विश्वसनीय दिखे, इसके लिए खास मेहनत की गई है, और यही सीन प्रोमो का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है।

सीरियल के VFX डायरेक्टर प्रदीप भगत ने इस प्रयोग के बारे में बताया कि 'आई तुळजाभवानी' उनके कुलदैवत पर आधारित सीरियल है, इसलिए यह प्रोजेक्ट सिर्फ प्रोफेशनल काम नहीं बल्कि श्रद्धा और भक्ति का विषय है। उन्होंने कहा कि VFX और AI टेक्नोलॉजी के जरिए देवी का तेज, दैवी रूप और कहानियों का असरदार अनुभव दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि गणेश आगमन का सीन खास है और गजमुख का रूप जीवंत, प्यारा और नैचुरल दिखे, इसके लिए उसकी बनावट से लेकर सूंड की हरकतों तक हर बारीकी पर काम किया गया है।

सीरियल के VFX की जिम्मेदारी फ्लेमिंगोज VFX नाम की प्रोडक्शन कंपनी संभाल रही है। इस कंपनी ने पहले 'विक्रम वेधा', 'राधा रमण' जैसी फिल्मों के साथ-साथ 'असुर', 'फर्जी', 'ताज', 'सिटाडेल' और 'गन्स एंड गुलाब्स' जैसी वेब सीरीज के लिए भी VFX का काम किया है। 'स्वराज', 'इमली', 'नजर', 'जादू है जिन्न का' और 'विद्रोही' जैसे हिंदी सीरियल्स में भी कंपनी काम कर चुकी है। मराठी में 'आई तुळजाभवानी' उनका पहला सीरियल है।

पहले एपिसोड से लेकर अब तक 'आई तुळजाभवानी' 680 से ज्यादा एपिसोड का आंकड़ा पार कर चुका है, और इस पूरे सफर में VFX और AI टेक्नोलॉजी का लगातार इस्तेमाल होता रहा है। अब बालगणेश की एंट्री के बाद सीरियल के आने वाले एपिसोड और दिलचस्प होने की उम्मीद है।

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